पेट, कमर या जांघ में दर्द, गांठ व ऐंठन को महिलाएं अक्सर मामूली समझ इग्नोर कर देती हैं। मगर छोटी लगने वाली यह परेशानी हर्निया का संकेत हो सकती है। हर्निया में शरीर का कोई अंग सामान्य से अधिक विकसित होने लगता है। यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है लेकिन ज्यादातर यह समस्या पेट में देखने को मिलती है।
 
क्या है हर्निया?
जब शरीर के किसी हिस्से के मांसपेशियां कमजोर हो जाती है तो छोटी-छोटी गांठें बन जाती है। वहीं अगर हर्निया की समस्या पेट में हो तो इसके कारण आंतें भी बाहर निकल आती है। ऐसी स्थिति को हर्निया कहा जाता है।
केवल पुरुष नहीं, महिला, बच्चे या बुजुर्गों को भी संभावना
ज्यादातर लोगों को लगता है कि यह समस्या सिर्फ पुरूषों को होती है जबकि यह बिल्कुल गलत है। यह समस्या महिला, बच्चे या बुजुर्ग किसी को भी हो सकती है।

हर्निया के कारण
ज्यादातर यह समस्या मांसपेशियों के कमजोर होने पर होती है लेकिन इसके अलावा जेनेटिक, भारी वजन उठाना, शराब या धूम्रपान का अधिक सेवन, चोट लगना, मोटापा, योनि में प्रॉब्लम और तेज खांसी भी इसकी वजह बन सकते हैं।

हर्निया के लक्षण
मांसपेशियों में गांठ बनना (यह गांठ ज्यादातर पेट के निचले हिस्से में बनती है)
प्रभावित हिस्से में दर्द होना, छाती में दर्द
झुकने या खांसते समय दर्द होना
खड़े होने में परेशानी होना
पेट में ऐंठन और भारीपन महसूस होना
गांठ वाले हिस्से में जलन होना
भोजन निगलने में परेशानी होना

क्या करें और क्या न करें?
पेट को रखें साफ
सबसे पहले तो पेट को साफ रखें और कब्ज से बचें। इसके लिए चाय-कॉफी, तली-भुनी व मसालेदार चीजों से परहेज करें। साथ ही पेट की मांसपेशियों पर दबाव पड़ने वाली गतिविधियों से बचें।

वजन को करे कंट्रोल
अगर आप हर्निया से पीड़ित हैं तो वजन को कंट्रोल में रखें। इसके लिए व्यायाम करें और पैदल चलें।

हैल्दी डाइट भी है जरूरी
डाइट में हरी सब्जियां, फल, बीन्स, नट्स, ब्रोकली, एलोवेरा जूस, अलसी और मेथी दाना शामिल करें। भोजन के 1 घंटे बाद 1 गिलास पानी में सेब का सिरका मिलाकर पिएं।

इन चीजों से रखें परहेज
शराब, सिगरेट, तंबाकू, मांसाहार खाने से बचें। यह सिर्फ हर्निया ही नहीं बल्कि अन्य बीमारियों का भी घर है।

जीरा है गुणकारी
दिन में 3 बार जीरे को चबा-चबाकर खाने और गुनगुना पानी पीने से हर्निया की समस्या से छुटकारा मिलेगा।

धीरे-धीरे पीएं पानी
एक बार में बहुत अधिक पानी पीने की बजाए घूंट-घूंट करके पिएं। इसके अलावा भोजन भी धीरे-धीरे चबाएं और एक बार में अधिक खाने की बजाए दिनभर में 4-5 मील्स लें।

हर्निया का इलाज है सर्जरी
अगर समस्या बढ़ जाए तो डॉक्टर ऑपरेशन करवाने की सलाह देते हैं। इसके बाद रोगी को पूरी तरह ठीक होने में 1-2 महीने का समय लग सकता है। हर्निया के लगभग 90% मामलों में दोबारा हर्निया होने की आशंका नहीं रहती जबकि 10% मामलों में वह दोबारा हो सकती है।

हर्निया का ऑपरेशन करवाने के बाद ध्यान में रखें ये बातें...
सर्जरी के बाद हैवी की बजाए हल्का-फुल्का भोजन करें। चावल, मसालेदार भोजन से दूर रहें।
शराब, सिगरेट और तंबाकू जैसी नशीली चीजों से दूर रहें।
रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीएं।
भारी समान उठाने से बचें।