रोहतक :  हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आई डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम  की गोद ली बेटी हनीप्रीत इंसा ने सोमवार (9 दिसंबर) को रोहतक की सुनारिया जेल में गुरमीत राम रहीम से मुलाकात की. हनीप्रीत  यहां आई-20 कार में पहुंची. जमानत पर छूटने के बाद हनीप्रीत की राम रहीम से यह पहली मुलाकात थी. राम रहीम साध्वी यौन शोषण मामले में सुनारिया जेल में जेल मेें बंद है. करीब 28 महीने बाद हनीप्रीत की राम रहीम से मुलाकात हुई. हनीप्रीत ने करीब 35 मिनट मुलाकात की. इस दौरान हनीप्रीत राम रहीम के सामने रो पड़ी.

गौरतलब है कि इस मामले में जब गुरमीत सिंह से 25 अगस्त 2017 सजा सुनाई गई थी तब दोनों के बीच आखिरी मुलाकात हुई थी. राम रहीम कोर्ट में पेश होने के लिए काफिला लेकर आया था. काफिले की जिस गाड़ी में राम रहीम आया था उसी में हनीप्रीत थी. इसके बाद जब उसे दोषी ठहराया गया था तो राम रहीम को हेलीकॉप्टर से ले जाया गया था. हेलीकॉप्टर में हनीप्रीत भी सवार थी. उसके बाद अब दोनों की मुलाकात हुई है. हनीप्रीत को राम रहीम का राजदार माना जाता है.

हनीप्रीत ने जमानत पर रिहा होने के बाद राम रहीम से मुलाकात की इच्छा जताई थी, लेकिन कानूनी बाधाओं के कारण यह मुलाकात नहीं हो पा रही थी.

मंत्री अनिल विज ने हनीप्रीत की मुलाकात को लेकर सिरसा पुलिस द्वारा सुरक्षा के लिहाज से जो रिपोर्ट दी गई थी, उसे दोबारा जांच के लिए कहा गया था. विज का कहना था कि यदि उसमें कोई कानूनी अड़चन नहीं है तो उसे रोका नहीं जाएगा. सुनारिया जेल प्रशासन द्वारा डेरा प्रमुख और हनीप्रीत की मुलाकात को लेकर सिरसा पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई थी. रिपोर्ट में सिरसा पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की संभावना जताई गई थी.

डेरा प्रमुख को साध्वी यौनशोषण मामले में दोषी ठहराने के बाद पंचकूला में हुई हिंसा मामले में हनीप्रीत भी जेल में बंद थी. कुछ दिन पूर्व ही हनीप्रीत पर चल रहे केस में देशद्रोह की धारा हटा दी गई थी. इसके बाद उसे जमानत मिल गई थी. इसके बाद उसने डेरा प्रमुख से मिलने की याचिका लगाई थी, जिसे नामंजूर कर दिया गया था.

25 अगस्त 2017 को भड़की थी हिंसा साध्वी यौन शोषण मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट ने 25 अगस्त 2017 को फैसला सुनाना था. 17 अगस्त 2017 को डेरा मुखी की अगुवाई में डेरा प्रबंधन समिति की अहम पदाधिकारियों व करीबियों की बैठक हुई. 25 अगस्त को सीबीआई कोर्ट ने जैसे ही गुरमीत राम रहीम को साध्वी रेप केस में दोषी करार दिया तो सिरसा में हिंसा भड़क उठी और हजारों डेरा अनुयायियों ने आगजनी की थी. इसमें 40 से अधिक लोग मारे गए थे.