भोपाल​ : मध्य प्रदेश के कुछ ज़िलों के लिए बीजेपी (bjp) जि़लाध्यक्षों के नाम का एलान आज हो सकता है. जिलाध्यक्षों के नामों पर हुई रायशुमारी की रिपोर्ट भोपाल पहुंच गयी हैं. 27 ज़िलों में दावेदार इतने ज़्यादा हैं कि नेताओं को माथापच्ची करना पड़ रही है. सबसे ज़्यादा मारामारी भोपाल (bhopal) के लिए है जहां 91 नेताओं ने अपने अपने समर्थकों के लिए दावा पेश किया है.

रायशुमारी के बाद बीजेपी जिलाध्यक्षों के नाम भोपाल पहुंचने का सिलसिला रविवार को दिन भर चला. अब नाम के एलान का इंतज़ार है. भोपाल पहुंचे नामों पर अंतिम मुहर लगाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और संगठन महामंत्री सुहास भगत पूरे दिन प्रदेश कार्यालय में मौजूद रहे. सूत्रों की मानें तो रायशुमारी में 27 ज़िले ऐसे हैं जहां दावेदारों की संख्या ज्यादा है. वहां जिलाध्यक्ष का नाम फाइनल करने के लिए माथापच्ची करनी पड़ रही है.

बीजेपी जि़लाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए 30 नवंबर को जिलों में रायशुमारी की गई थी. हर ज़िले से 3-3 नाम लिए गए हैं. माना जा रहा है सोमवार को कुछ जिलों के लिए नये जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान किया जा सकता है. बीजेपी जिलाध्यक्ष के लिए 50 साल की उम्र सीमा तय की है. विशेष परिस्थितियों में उम्र सीमा को 55 तक बढ़ाया जा सकता है.

सबसे ज़्यादा मारामारी भोपाल के लिए है. यहां कुल 91 नेताओं ने तीन-तीन नाम सुझाए हैं. इनमें 25-25 मंडल अध्यक्ष और जिला प्रतिनिधि के साथ 40 से ज्यादा वरिष्ठ नेता शामिल हैं. सूत्रों के मुताबिक रायशुमारी में सबसे ज्यादा लोगों ने रवींद्र यती, सुनील पांडेय के साथ मौजूदा जिलाध्यक्ष विकास वीरानी का नाम सुझाया है. इसके अलावा मेयर आलोक शर्मा, पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह, विधायक कृष्णा गौर, भगवान दास सबनानी और अनिल अग्रवाल लिली के नाम भी सामने आए हैं.

5 जिलों में चुनाव प्रक्रिया फिलहाल रोकी गयी है. इन पांच में से 3 जिले ग्वालियर शहर, होशंगाबाद और सिवनी में संगठन में गुटबाज़ी है. यह गुटबाज़ी इतनी बढ़ गई कि मंडल अध्यक्षों के चुनाव पूरे नहीं हो पाए. अब वहां का चुनाव भोपाल से किया जाएगा. झाबुआ हाल ही में विधानसभा उपचुनाव से निपटा है और शहडोल में नगरीय निकाय उप चुनाव के कारण ज़िलाध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया रोकी गई है.