भगवान ने सभी को एक जैसा दिमाग दिया है यह कहावत भले ही आप सही मानते हो लेकिन मस्तिष्क के आकार-प्रकार के बारे में वैज्ञानिक ऐसा नहीं मानते। हाल हीं में हुई रिसर्च के अनुसार भारतीयों, चीनियों, कोरियाई और काकेशियन लोगों का मस्तिष्क आकार-प्रकार एक जैसा नहीं है। अर्मेनिया, अजरबैजान, रूस आदि देश काकेशियाई क्षेत्र में ही आते हैं। भारतीयों के मस्तिष्क का आकार काकेशियाई व चीनी क्षेत्र के लोगों की तुलना में औसतन छोटा होता है।

इस अध्ययन में हैदराबाद के अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के वैज्ञानिक भी शामिल थे। फिलहाल रिसर्च में यह नहीं बताया गया है कि मस्तिष्क के आकार में भिन्नता होने के कारण कामकाज में किस तरह की भिन्नता हो सकती है। अध्ययन के अनुसार मस्तिष्क मानचित्र, रिसर्चर को मैग्नेटिक रेजोनैंस इमेजिंग (एम.आर.आई.), फंक्शनल एम.आर.आई., मानसिक अवस्थाओं और विभिन्न व्यक्तियों के बीच मस्तिष्क तस्वीर पद्धति में तुलना करने में सहायता करता है।

रिसर्च के लिए 50 भारतीय पुरुषों और महिलाओं को शामिल किया गया। यह सभी शारीरिक तौर पर पूरी तरह स्वस्थ थे और उनकी आयु 21 से 30 साल के बीच थी। दिमाग स्कैन से इन सभी के मस्तिष्क का मानचित्र तैयार किया गया। जिसमेें लंबाई, चौड़ाई व ऊंचाई की द्दष्टि से भारतीय और काकेशियाई दिमागो में अंतर पाया गया। वहीं चीनियों व कोरियाई लोगों के मस्तिष्क की लंबाई तकरीबन समान पाई गई है लेकिन ऊंचाई और चौड़ाई में भारतीय दिमाग काफी छोटा पाया गया हैं।