नई दिल्ली: विराट कोहली की अगुवाई वाली भारतीय क्रिकेट टीम गुरुवार से एक बार फिर दक्षिण अफ्रीका से दो-दो हाथ करेगी. इस बार दोनों टीमों का मुकाबला दूसरे टेस्ट मैच में है. यह टेस्ट मैच पुणे में खेला जाएगा. भारतीय टीम पहला टेस्ट जीतकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है. अब वह दूसरा मैच जीतने का प्लान बना रही है. दूसरा मैच जीतते ही सीरीज उसके नाम हो जाएगी. दक्षिण अफ्रीका को भी यह बात पता है. इसलिए वह यह मैच जीतकर सीरीज में लौटना चाहेगी.

भारतीय टीम के लिए अच्छी बात यह है कि वह भारत में पिछले छह साल में अजेय अजेय है. वह घरेलू मैदान पर छह साल में सिर्फ एक टेस्ट मैच हारी है. जबकि, इस दौरान उसने यहां 23 टेस्ट मैच जीते हैं. जाहिर है, ये आंकड़े भारतीय टीम का हौसला बढ़ाएंगे. वह दूसरे टेस्ट मैच में जीत के दावेदार के तौर पर ही उतरेगी.

दक्षिण अफ्रीका की टीम दूसरे टेस्ट मैच में जीत की दावेदार नहीं है. लेकिन पुणे टेस्ट उसके लिए उम्मीद की मद्धिम किरण लेकर आया है. दरअसल, यह अकेला ऐसा मैदान है, जहां भारत 2012 के बाद हारा है. ऑस्ट्रेलिया ने 2017 में इस मैदान पर भारत को 333 रन से हराया था. तब भारतीय टीम दोनों ही पारियों में 110 रन का स्कोर भी पार नहीं कर पाई थी.

अगर दक्षिण अफ्रीका की बात करें तो उसे भारत में आखिरी बार 2010 में जीत मिली थी. तब उसने नागपुर में खेले गए मैच में पारी और छह रन से जीत दर्ज की थी. उसने 558/6 के स्कोर पर पारी घोषित की थी. इसके बाद भारत को क्रमश: 233 और 319 रन पर समेट दिया था.

और अब भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहले टेस्ट मैच को याद कर लेते हैं. यह मैच विशाखापत्तनम में खेला गया था, जिसे भारत ने 203 रन से जीता था. इस मैच में रोहित शर्मा ने दोनों पारियों में शतक बनाए थे. मयंक अग्रवाल ने दोहरा शतक बनाया था. चेतेश्वर पुजारा ने 81 रन की पारियां खेली थीं. रविचंद्रन अश्विन ने मैच में कुल आठ विकेट लिए थे. इसी तरह रवींद्र जडेजा ने मैच में छह और मोहम्मद शमी ने पांच विकेट झटके थे.