नई दिल्ली: हैदराबाद में वेटनरी की डॉक्टर के साथ गैंगरेप और उसकी हत्या के बाद से पूरा देश गुस्से में है. महिलाओं के साथ ऐसे कृत्य को रोकने के लिए कठोर कानून बनाने की मांग कर रहे हैं. वहीं राज्यसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद जया बच्चन ने ऐसे में मामलों के दोषी को भीड़ के हवाले करने की सलाह दी हैं. जया बच्चन की इस सलाह का समर्थन तृणमूल कांग्रेस की सांसद मिमी चक्रवर्ती ने भी किया है.

न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में मिमी चक्रवर्ती ने कहा, 'मेरा सभी संबंधित मंत्रियों से अनुरोध है कि वे इतना कठोर कानून बनाएं कि कोई व्यक्ति बलात्कार करने से पहले 100 बार सोचें. इतना ही नहीं, वह किसी महिला को गलत इरादे से देखने की भी हिम्मत ना करे.'

टीएमसी सांसद से पूछा गया कि जया बच्चन ने रेप के दोषियों को भीड़ के हवाले करने की सलाह पर वह क्या कहेंगी. इसपर मिमी ने कहा, 'मैं उनकी सलाह से सहमत हूं. मुझे नहीं लगता कि हमें बलात्कारियों को अदालतों में ले जाने और फिर न्याय का इंतजार करने की आवश्यकता है. तत्काल सजा की जरूरत है.'

दोषियों को भीड़ के हवाले करने के पक्ष में हैं सांसद जया
इससे पहले राज्यसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद जया बच्चन ने भी तेलंगाना की इस घटना पर रोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शर्म की बात नहीं है, यह बहुत ही भयावह है. जया ने कहा कि यद्यपि यह अति होगी, लेकिन महिलाओं के खिलाफ ऐसे अपराधों को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए लिंचिंग एक मात्र उपाय होगा

अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी दोषियों को कठोर दंड देने का आह्वान किया. राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराधों से निपटने के लिए अतीत में कई कानून बनाए गए हैं, लेकिन क्रूरता के ऐसे कार्यों के खिलाफ समाज के लोगों के लिए उठ खड़े होने का समय है.

तृणमूल सदस्य शांतनु सेन ने कहा कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने और कड़ी सजा देने के लिए मजबूत कदम उठाए जाने चाहिए. सेन ने कहा, 'सजा को प्रचारित किया जाना चाहिए, ताकि लोग ऐसा जघन्य अपराध करने से पहले दो बार सोचें.' भारत में लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा पर हो रही चर्चा और सुझाव के साथ सदन में शून्यकाल शुरू हुआ.

सभापति एम. वेंकैया नायडू ने कहा, 'हैदराबाद में जो कुछ हुआ, वह मानवता के सभी सिद्धांतों के लिए अपमानजनक और बेहद निंदनीय है.' जया बच्चन ने कहा कि इस तरह के भीषण अपराध करने वालों को पूरे देश के सामने बेइज्जत किया जाना चाहिए और पीट-पीट कर मार डालना चाहिए. उच्च सदन के सदस्यों ने कहा कि इस भीषण घटना ने राष्ट्र की अंतर्आत्मा को हिला दिया है.