दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) और जामिया मिल्लिया इस्लामिया में अक्सर प्रदर्शन देखने को मिलते हैं. बीते दिनों दोनों ही यूनिवर्सिटीज में मारपीट, तोड़फोड़ और हिंसा देखने को मिली. इसके बाद यहां पढ़ने वाले छात्रों को लेकर सवाल उठने लगे. हालांकि, अब केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इन संस्थानों की तारीफ की है.

केंद्रीय मंत्री पोखरियाल ने कहा है कि चाहे वह जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), जामिया या अन्य संस्थान हों, ये सभी बहुत अच्छे हैं, मैं शुरू से ही इस बात का पक्षधर रहा हूं. आगे उन्होंने कहा कि जो भी इन संस्थानों की गरिमा को गिराने का काम करेगा, उसको किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.'

Union HRD Minister Ramesh Pokhriyal Nishank: Be it JNU, Jamia or other institutions, all of them are very good. Main shuru se is baat ka pakshdhar raha hoon, jo bhi in sansthanon ki garima ko girane ka kaam karega, usko kisi kimat par bardasht nahi kiya jayega. pic.twitter.com/sYlx4kx4L4

— ANI (@ANI) February 16, 2020

बता दें कि पोखरियाल का बयान ऐसे वक्त में आया है जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया की लाइब्रेरी का 15 दिसंबर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पुलिस वहां पढ़ रहे छात्रों पर बर्बरता करती हुई दिखाई दे रही है. वीडियो को जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी ने जारी किया है, जिसमें सुरक्षाबल लाइब्रेरी में मौजूद छात्रों पर डंडे बरसाते नजर आ रहे हैं.

कमेटी का दावा है कि 15 दिसंबर को जब CAA के खिलाफ आंदोलन हुआ तो उस दौरान पुलिस ने जामिया के अंदर पढ़ रहे छात्रों पर लाठियां बरसाईं. जारी वीडियो में छात्र लाइब्रेरी में पढ़ते नजर आ रहे हैं, तभी पुलिस वहां आकर पिटाई शुरू कर देती है. वीडियो में छात्रों के हाथों में किताबें भी नजर आ रही हैं.

गृह मंत्री शाह- पुलिस का सम्मान करें
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस स्थापना दिवस के मौके पर कहा, लोगों से अपील की है कि वे पुलिस का सम्मान करें. अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा था कि हमें समझना चाहिए कि पुलिस हमारी सुरक्षा के लिए है. इसलिए केवल उसकी आलोचना या उपद्रवियों की तरफ से उन्हें निशाना बनाना ठीक नहीं है. उसके काम को भी समझना चाहिए.

शाह ने कहा, पुलिस शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का काम बिना किसी धर्म और जाति को देखकर करती है. जरूरत पर मदद करती है. पुलिस किसी की दुश्मन नहीं, पुलिस शांति और व्यवस्था की दोस्त है, इसलिए सदैव उसका सम्मान किया जाना चाहिए.