नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस शरद अरविंद बोबडे (एस.ए. बोबडे) ने मौजूदा न्यायायिक सिस्टम पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि न्याय को कभी बदले का रूप नहीं लेना चाहिए. अगर न्याय बदले का रूप ले ले तो वो न्याय नहीं है. सीजेआई ने जोधपुर में एक कार्यक्रम में कहा कि इस बात पर कोई शक नहीं है कि क्रिमिनिल जस्टिस सिस्टम को अपनी स्थिति के बारे में दोबारा विचार करना चाहिए.

उन्होंने कहा, ''हाल की घटनाओं ने एक पुरानी बहस को नई मजबूती से दोबारा छेड़ दिया है. इस बात पर कोई शक नहीं है कि क्रिमिनिल जस्टिस सिस्टम को अपनी स्थिति के बारे में दोबारा विचार करना चाहिए, इस बात पर विचार करना चाहिए कि किसी मामले को निपटना में कितना टाइम लग रहा है. लेकिन मुझे नहीं लगता कि न्याय कभी भी त्वरित हो सकता है या होना चाहिए. न्याय को कभी बदले का रूप नहीं लेना चाहिए. अगर न्याय बदले का रूप ले ले तो वो न्याय नहीं है.''