चाहे परिवार में जितना मर्जी तनाव चल रहा हो, मगर बैडरूम में कपल्स अक्सर अपने प्यार में खो जाते है और सारी चिंताए भूल जाते है। लेकिन हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार भारतीय कपल्स बैडरूम में शारीरिक संबंध बनाते वक्त भी बहुत ज्यादा प्रेशर में होते है। यह प्रेशर शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक तौर पर है। भारतीय कपल्स अपने दिमाग में बहुत-सी चिंताए लेकर बार-बार सोचते रहते है। जो सिर्फ उन्हें मानसिक तौर पर ही नहीं बल्कि शारीरिक तौर पर भी बहुत ज्यादा थका हुआ महसूस करवाने लगता है। जिसके कारण वो अपने शारीरिक रिश्ते से संतुष्ट नहीं होते है। 'इंडिया टुडे सर्वे 2019' के अनुसार, भारत में ऐसे बहुत सारे लोग है जिन्हें अलग तरह की चिंताए सताती है। आइए आपको इन परेशानी की लिस्ट बताते है।

ऑफिस में काम का प्रेशर
बेंगलुरू के 42.9 फीसदी लोगों का कहना है कि शारीरिक संबंध बनाते समय ऑफिस का सारा स्ट्रेस उन्हें अपने पार्टनर पर फोकस नहीं करने देता है।

टारगेट पूरा करने की चिंता
बेंगलुरू में 60 प्रतिशत लोग अपने शारीरिक परफॉरमेंस से संतुष्ट नहीं है। वो ऑफिस में टारगेट के स्ट्रेस के कारण अपने पार्टनर के साथ बिताए हुए पलों पर फोकस ही नहीं कर पातें है।

कामकाज की टेंशन
रांची शहर के करीब 27 प्रतिशत लोगों का कहना है कि पार्टनर के साथ संबंध बनाते वक्त उनके दिमाग में कामकाज का ज्यादा स्ट्रेस होता है।

बॉडी से जुड़ी इन्सेक्योरिटी
लोगों को अपने पार्टनर के सामने बिना कपड़ो के भी शर्म आती है। इस चीज की भी वो टेंशन लेकर बार-बार सोचते रहते है।

लाइट में समस्या
कई लोग रौशनी में किसी के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहते। उन्हें रौशनी में अपने लिए अच्छा फील नहीं होता है।  

फोरप्ले परफॉर्मेंस ( कितने समय तक टिकते है ?)
इंदौर के 91.5% लोगों का कहना है कि वे बेडरूम में 30 मिनट से ज्यादा टिकते है। वहीं जयपुर के लोगों का कहना है कि  67.5 प्रतिशत अपनी टाइमिंग को लेकर संतुष्ट थे। अहमदाबाद में 63%, भुवनेश्वर में 59.5%, चंडीगढ़ में 53.7% और मुंबई में 51.2 फीसदी लोगों का कहना है कि वे पार्टनर के साथ बस 30 मिनट तक ही रोमांस कर सकते है।