जबलपुर : तहसीलदार से मारपीट मामले में पहले सजा और फिर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट  से फौरी तौर पर राहत पाने वाले बीजेपी विधायक प्रहलाद लोधी की सदस्यता को लेकर सस्पेंस अभी बरकरार है. भले ही पवई विधायक प्रहलाद लोधी को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिल गई है लेकिन सरकार इस मामले में सुप्रीम लड़ाई लड़ने की तैयारी में है. जबलपुर पहुंचे मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति और राज्यसभा सांसद विवेक तनखा ने स्पष्ट किया कि सरकार मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जा रही है और मामला न्यायालय के अधीन है. जब तक सुप्रीम कोर्ट से फैसला नहीं आ जाता तब तक इस बात पर कुछ भी कहना गलत होगा.

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बीजेपी विधायक प्रहलाद लोधी को भोपाल की स्पेशल कोर्ट से मिली 2 साल की सजा पर अंतरिम रोक लगाई थी और इसकी मियाद 7 जनवरी 2020 तक तय की थी. इस बीच भोपाल स्पेशल कोर्ट के फैसले के खिलाफ लोधी द्वारा दायर की गई अपील पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट सुनवाई करेगा लेकिन प्रदेश सरकार लगता है इस अंतरिम राहत को भी नहीं पचा पा रही है. यही वजह है कि सरकार अब अंतरिम राहत के फैसले को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने वाली है.

विधायक प्रहलाद लोधी की सदस्यता निरस्त करने की जल्दबाजी के आरोपों से मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने इंकार किया है. उनका मानना है कि उन्होंने कोई जल्दबाजी नहीं की बल्कि पूर्व में विधानसभा अध्यक्षों द्वारा लिए गए फैसले और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के तहत कदम उठाया था. अब मामला न्यायालय के अधीन है इसलिए इस पर कुछ भी टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा.

आपको बता दें कि अल्प प्रवास पर मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति, राज्यसभा सांसद विवेक तनखा और विधायक संजू शर्मा जबलपुर प्रवास पर आए शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुंचे थे. इस बीच इन लोगों ने करीब 1 घंटे तक बंद कमरे मुलाकात की.