चेन्नई: तमिलनाडु में मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को 'नागरिकता संशोधन कानून', एनआरसी और एनपीआर के विरोध में मुस्लिम संगठनों द्वारा तमिलनाडु विधानसभा की घेराबंदी करने पर रोक लगा दी. मद्रास हाईकोर्ट में जस्टिस एम. सत्यनारायण और आर. हेमलता की बेंच ने मुस्लिम संगठनों के द्वारा तमिलनाडु विधानसभा की घेराबंदी करने पर 11 मार्च तक अंतरिम रोक लगा दी है. मद्रास हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए तमिलनाडु पुलिस को 11 मार्च तक प्रदर्शन की अनुमति ना देने का आदेश दिया. इस मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी.

आपको बता दें कि तमिलनाडु इस्लामिक एंड पॉलिटिकल ऑर्गनाइजेशन और इसके सहयोगी मुस्लिम संगठनों ने 19 फरवरी को 'नागरिकता संशोधन कानून', एनआरसी और एनपीआर के विरोध में तमिलनाडु विधानसभा की घेराबंदी करने का आह्वान किया था. मद्रास हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी साफ किया कि वो 'नागरिकता संशोधन कानून', एनआरसी और एनपीआर पर कोई राय कायम नहीं कर रहे हैं.

गौरतलब है कि डीएमके पार्टी के नेता टीकेएस इलांगोवन ने कहा कि सरकार सीएए-एनआरसी के खिलाफ इन आंदोलनों को किसी भी तरह से रोकना चाहती है. वो कोर्ट का भी सहारा लेकर सभी तरह के दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं. हमनें सीएए, एनआरसी, एनपीआर के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया और अब तक 2 करोड़ 5 लाख हस्ताक्षर इकट्ठे हो चुके हैं. हम इन हस्ताक्षरों को राष्ट्रपति को सौपेंगे.