नई दिल्ली: GST धांधली मामले में सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. सरकार ने 40,000 कंपनियों की पहचान की है, जिन्होने रिफंड सीमा से ज्यादा ले लिया या फिर फ्रॉड किया या फिर टैक्स से संबंधित कुछ और गड़बड़ी की. जबकि GST भरने वाल हैं कुल 1.2 करोड़ . वित्त मंत्रालय ने इन 40,000कंपनियों को कड़ी निगरानी में रखा है.

सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्रालय इन्हें एक आखिरी मौका दे रहा है ताकि ये खुद ही अपने तरफ से इस बात की घोषणा कर दें कि उनसे इस तरह की गलती हुई है. और अपनी गलती का सुधार कर लें , गलत तरीके से रिफंड लिया हुआ पैसा वापस लौटा दें नहीं तो कड़ी कार्यवाही के लिए तैयार होगी. सरकार इन सब का जीएसटी रिफंड और जीएसटी रिटर्न की जांच कर रही है, बैंक अकाउंट डेटा मिसमैच की पड़ताल कर रही.

सेंट्रल बोर्ड ऑफ इंडायरेक्ट टैक्सिस एंड कस्टम्स (CBIC) और सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सिस(CBDT) के संयुक्त टीम ने डाटा एनालिटिक्स के माध्यम से ये धांधली पकड़ी है, पिछले हफ्ते ही इस बारे में राजस्व सचिव  अजय भूषण पांडेय ने देशभर के GST चीफ कमिश्नर, कमिश्नर, इन्वेस्टिगेशन एजेंसीज़, CBIC, CBDT की मीटिंग ली थी.

सरकार को उम्मीद है टैक्स चोरों  से वसूली करके  जीएसटी कलेक्शन बनेगा इसलिए सरकार ने आने वाले 2 महीने में हर महीने 1.15 लाख करोड़ का जीएसटी वसूली का लक्ष्य रखा है और तीसरे महीने यानि मार्च में 1.25 लाख करोड़ रुपए के GST वसूली होगी.

सरकार इन्हें संपर्क करेगी जिसके बाद गलती सुधारने का मौका मिलेगा . फर्जी बिल बनाने वाले और रिफंड लेने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी. इससे पहले विभाग ने पता लगाया था कि 1200 एक्सपोर्टर जीएसटी में खेल करके गायब हैं.और इन्हें जाने वाला 350 करोड़ रुपए बचा लिए गए थे.

टारगेट पूरा करने के लिए अफसर रोज़ाना बेसिस पर मोर्चा लगा कर रेवेन्यू बढ़ाने पर काम कर रहे हैं ,हर हफ्ते वित्त मंत्रालय के राजस्व सचिव रिव्यू मीटिंग ले रहे हैं.