हाकी के चार राष्टÑीय  खिलाड़ियों की  मौत की खबर माहौल को गमगीन करती है। सवाल यहां पर यह है कि इनको जन्मदिन मनाने की परमिशन मिली थी या नहीं। अखबार लिखता है कि सहायक कोच में जाने की अनुमति दी थी पर उस पर अब सवाल उठ रहे हैं कि सभी खिलाड़ी बिना अनुमति गए थे। मैग्नीफिसेंट एमपी में सात दिन में मिलेगी जमीन और 99 साल का पट्टा खबर ध्यान खींचती है।  केवल जमीन ही नहीं बल्कि उपलब्धियां और स्थानीय लोगों को रोजगार भी देना जरूरी होना चाहिए। इलाज में  लापरवाही से होने वाली मौत पर पांच साल की सजा और एक करोड़ का जुर्माना गरीबों के लिए राहत भरी खबर है। मियां इससे डॉक्टरों पर कुछ तो लगाम लगेगी। अभी तक वह कभी भगवान, कभी शैतान और कभी तूफान नजर आते हैं जो किसी की नहीं सुनते।