नागरिकता संशोधन बिल 2019 पर राज्यसभा में जोरदार और तीखी बहस हो रही है. गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल के आरोपों का जवाब दिया. कपिल सिब्बल ने राज्यसभा में कहा था कि गृह मंत्री से देश का कोई मुसलमान नहीं डरता है.

इस पर जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि उनसे किसी भी मुसलमान को डरने की जरूरत भी नहीं है. देश के गृह मंत्री पर सभी नागरिकों का भरोसा होना चाहिए. कपिल सिब्बल ने कहा, "मैं तो नहीं चाहता हूं कि कोई डरे, आपके ही लोग कहते हैं, डर है, डर है...मैंने कभी नहीं कहा कि डरो...डरना भी नहीं चाहिए...देश के गृह मंत्री पर सबका भरोसा होना चाहिए, और अल्पसंख्यकों को जरा सा भी डरना नहीं चाहिए."

अमित शाह ने कहा, "मैं फिर से आज कहना चाहता हूं कि विभाजन धर्म के आधार पर हुआ है और यह सबसे बड़ी भूल थी और आज हम इसी वजह से यह बिल लेकर आ रहे हैं.  गृह मंत्री ने कहा कि नेहरू और लियाकत के बीच समझौता हुआ था. 1950 में दोनों देश के पीएम ने इस पर हस्ताक्षर किया था, जिसमें अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देने का वादा किया था गया था. लेकिन पाकिस्तान में इसका पालन नहीं किया गया.

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा नरेंद्र मोदी सरकार सिर्फ सरकार चलाने के लिए नहीं, बल्कि देश की समस्याओं को सुधारने के लिए आई है. जबकि पिछली सरकारें समस्याओं को दूर करने की बजाय उसे चलाने में ज्यादा विश्वास करती थी.

अमित शाह ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि जिनके कारण ये लोग नरक का जीवन जी रहे हैं, यातनाएं झेल रहे हैं, वही आज हमसे सवाल पूछ रहे हैं. अमित शाह ने कहा है कि इस बिल को ध्यान भटकाने के लिए नहीं लाया गया. सरकारों का यह दायित्व है के वे समस्याओं को दूर करे.