अक्सर लोग उबासी लेने को नींद से जोड़ देते हैं। मगर जरुरी नहीं है कि बार-बार उबासी लेने का मतलब व्यक्ति को नींद चाहिए। कई बार यह नार्मल सी दिखने वाली आदत गंभीर बातों की तरफ भी इशारा कर सकती है। आइए जानते हैं कैसे...

तनाव
व्यक्ति जब ज्यादा तनाव में हो तो उसे उबासी आती है। तनाव के दौरान व्यक्ति का दिमाग बहुत धीरे काम करता है। कई बार उसे सामने पड़ी चीज दिखाई नहीं पड़ती। ऐसी सिचुएशन में व्यक्ति को उबासी आना लाजमी है। जैसे-जैसे व्यक्ति उबासी लेता जाता है उसका दिमाग और कम काम करने लगता है। इस परेशानी से बचने के लिए आपको जब भी तनाव महसूस हो कुछ देर के लिए अपना काम छोड़कर बाहर टहल आना चाहिए। इससे आपका दिमाग 50 प्रतिशत तक ठीक काम करने लगता है।

फेफड़े से संबंधित परेशानी
जब व्यक्ति तनाव में होता है तो उसके दिमाग तक ऑक्सीजन प्रॉपर नहीं पहुंच पाती। जिसका सबसे ज्यादा असर उसके फेफड़ों पर पड़ता है। ऐसी सिचुएशन में व्यक्ति को चाहिए कि वह ज्यादा से ज्यादा पानी पिए। पानी आपके शरीर में ऑक्सीजन को स्तर को नार्मल करने का काम करता है। साथ ही आपकी बॉडी को डी-टॉक्सीफाई करता है जिससे आप तनाव मुक्त रहते हैं।

दिल संबंधित परेशानियां
शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने से ब्लड को पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। जब आपका शरीर ब्लड को पंप करने में एक्सट्रा एनर्जी मांगेगा तो जाहिर है उसका एनर्जी लेवल कम होगा। जिस वजह से आपको उबासी फील होगी। बॉडी में कोलेस्ट्रोल की मात्रा ज्यादा होने की वजह से भी उबासी की समस्या रहती है। जिस वजह से आपको कम उम्र में दिल से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

आइए अब बात करते हैं उबासी आने पर खुद को कंट्रोल करने के तरीकों के बारे में...

  • कोशिश करें हमेशा मुंह की बजाए नाक के द्वारा ही सांस लें।
  • तनाव होने पर कुछ देर आराम करें और अगर सेहत से जुड़ी कोई परेशानी न हो तो कुछ ठंडा खाएं।
  • खुली हवा में जाकर लंबी-लंबी सांस लें।
  • 1 पूरी गिलास पानी पिएं।
  • सुबह जल्दी उठें और रुटीन में वर्कआउट करें।