अबू धाबी: भारतीय क्रिकेट में टेस्ट सेंटर्स की चर्चा अब भी गरम है. इस समय भारत और बांग्लादेश के बीच चल रही टेस्ट सीरीज से पहले रांची में टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने यह मुद्दा उठाया था. कोहली का कहना है कि भारत में टेस्ट मैच हर मैदान पर नहीं होने चाहिए बल्कि उनके लिए टेस्ट सेंटर्स का विकास होना चाहिए और टेस्ट मैच का आयोजन उन्हीं मैदानों पर होना चाहिए. इस मामले में भारत के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान ने विराट के विचार से सहमति जताई है.

अच्छी थ्योरी है यह
जहीर खान ने स्टेडियम में दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए देश में टेस्ट सेंटर बनाने के कप्तान विराट कोहली के विचार का समर्थन किया है. हालांकि, जहीर का कहना है कि भारत जैसे बड़े देश में टेस्ट सेंटर की संख्या पांच से ज्यादा होनी चाहिए.जहीर ने कहा, "टेस्ट सेंटर चीजें आसान बनाती हैं. यह थियोरी अच्छी है, लेकिन संख्या पर चर्चा हो सकती है. मुझे लगता है कि देश के आकार को देखते हुए पांच की संख्या बहुत कम है."

टेस्ट भारत में लोकप्रिय पर दर्शक भी बढ़ें
जहीर ने कहा, "टेस्ट क्रिकेट की बेहतरी को ध्यान में रखते हुए मैं टेस्ट सेंटर के पक्ष में हूं." टेस्ट क्रिकेट अभी भी भारत में बहुत लोकप्रिय है. हालांकि, मैच देखने के लिए स्टेडियम पहुंचने वाले दर्शकों की संख्या में ज्यादा इजाफा नहीं हुआ है. जहीर का मानना है कि टेस्ट फॉर्मेट अभी भी क्रिकेट में सबसे महत्वपूर्ण है.

टेस्ट को छोटे प्रारूप से कोई समस्या नहीं
जहीर ने कहा, "जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, मुझे नहीं लगता कि खेल के छोटे प्रारूपों के आने से टेस्ट क्रिकेट को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. टेस्ट क्रिकेट अभी भी इस खेल का सबसे शुद्ध रूप है और यह युगों से चला आ रहा है. हर खिलाड़ी क्रिकेट का आनंद लेना चाहता है और टेस्ट मैच उच्चतम स्तर है जहां खिलाड़ियों के पास साबित करने के लिए बहुत कुछ होता है."

हर तरह की सीरीज खेलने को मिलेंगी
जहीर ने कहा, "मुझे लगता है कि भविष्य में आपको वनडे और टी-20 प्रारूपों में बहुत सारी तीन और चार टीमों की सीरीज देखने को मिलेंगी जो प्रशंसकों के लिए खेल को रोचक बनाए रखने के लिए आयोजित किए जाएंगे. दिन-रात के मैच टेस्ट क्रिकेट को रोचक बनाए रखने के लिए जरूरी है."

गांगुली की तारीफ
उन्होंने बीसीसीआई के नए अध्यक्ष सौरभ गांगुली की भी प्रशंसा की. जहीर ने कहा, "सौरभ गांगुली से हम सभी को बहुत सारी उम्मीदें हैं. जब उन्होंने भारतीय टीम का नेतृत्व किया था तब उन्होंने बहुत अच्छा काम किया था. उन्होंने सन्यास लेने के बाद से क्रिकेट से संपर्क नहीं खोया है और खेल के विकास के लिए लगन से काम कर रहे हैं. उन्होंने सीएबी के साथ बहुत अच्छा काम किया. अब वह बीसीसीआई के अध्यक्ष हैं और मुझे यकीन है कि वह भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने के लिए अच्छा काम करेंगे."