आईएनएक्स मीडिया से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जेल में पिछले 43 दिन में उनका पांच किलो वजन कम हो चुका है और वह दो बार बीमार पड़ चुके हैं. चिदंबरम ने मामले में शीर्ष अदालत से जमानत की मांग की और कहा कि दो बार बीमार पड़ने के बाद उन्हें एंटीबायोटिक दिए गए.

जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस ऋषिकेश रॉय की बेंच को चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने बताया, 'जेल में 43 दिन रहने के दौरान वह दो बार क्रमश: पांच और सात दिन के लिए बीमार पड़ गए थे और उन्हें एंटीबायोटिक दिए गए.' उन्होंने अदालत को बताया, 'उनका वजन 73.5 किलोग्राम से कम होकर 68.5 किलोग्राम हो गया है.'

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सिब्बल ने कहा कि सर्दियां शुरू हो रही हैं और ऐसे में 74 साल के चिदंबरम को और सेहत संबंधी कठिनाइयां हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि सीबीआई की ये दलीलें झूठी और बेबुनियाद आशंकाओं पर आधारित थीं कि चिदंबरम गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं या सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं. अदालत कक्ष में सिब्बल और सीबीआई की पैरवी कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली.

जमानत से इनकार का आधार नहीं-सिब्बल
कपिल सिब्बल ने कहा कि आरोपपत्र दाखिल करना जमानत से इनकार करने का कोई आधार नहीं है क्योंकि सब जानते हैं कि 2जी घोटाले के मामले में क्या हुआ था. आरोप पत्र दाखिल होने के बाद सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया था. मेहता ने 2जी घोटाले का जिक्र किए जाने पर विरोध जताया और कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है और हाई कोर्ट में एक अपील लंबित है. चिदंबरम को सीबीआई ने 21 अगस्त को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया था. वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं.