दिल्ली जैसा अग्नीकांड हर शहर में हो सकता है। भोपाल, जयपुर और रायपुर के हालातों पे खबर मुकम्मल रही। वन सेवा भर्ती में महिलाओं के सीने के माप की अनिवार्यता वाली खबर उम्दा आई। पुराने शहर के चौक बाजार की पतली गलियों में आग लगी तो हालात बेकाबू हो जाएंगे। शानदार ग्राउंड रिपोर्ट। शहर के मौसम के हाल बयां करती मुक्तसर खबर भी यहां सेट हो गई। आवारा मृत कुत्तों का साइंटिफिक तरीके से अंतिम संस्कार वाली खबर ध्यान खींचती है। भाजपा के नए 900 मंडल अध्यक्षों में सिर्फ एक महिला है। आलोक पण्ड्या की खबर भेतरीन आई। केंद्रीय सहायता में कटौती से मप्र टकराव के मूड में है।