फैसलों पर टिकी रहती हैं कई निगाहों की आरजू,  जरा सोच समझ कर कीजिए यह है लब्जों की आरजू.... की तर्ज पर आज भी अयोध्या विवाद पर फैसले का इंतजार यहां पर पसरा हुआ है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए अलग बजट की खबर भी  नुमांया हो रही है । विवेक अग्रवाल की ईओडब्ल्यू में शिकायत पर आईएएस अमला खफा हो गया है। उस का कहना है कि यह मामला बदनाम करने का है। शिवपुरी में शव को चींटियां लगने के मामले में सिविल सर्जन और नर्स के निलंबित करने की खबर है। पर इससे क्या होगा, क्या इंसानियत पूरी तरह से मर गई है। मैग्नीफिसेंट एमपी में अखबार बताता है कि इसका रोड मैप तैयार है और इस बार आर्टीफीशिल इंटेलीजेंसी का हब बनाया जाएगा।