बलात्कारियों को फांसी का कानून बनाने वाले अपने सूबे की 90 फीसदी महिलाएं असुरक्षित मेहसूस करती हैं। खासतौर से ग्वालियर और भोपाल की महिलाएं ज्यादा फिक्रमंद हैं। खबर ध्यान खींचती है। टेलीकॉम कंपनियों के टैरिफ बढ़ाने वाली खबर भी यहां सेट हो गई। क्या हुआ तेरा वादा वाला पेज पठनीय है। रन भोपाल रन के बाद 21 किमी रूट की 21 मिनट में सफाई वाली खबर को अच्छा स्पेस मिला। हमीदिया रोड पे ट्रैफिक के दबाव और ऊंची इमारतों के चलते प्रदूषण की हालत खराब होने वाला आईटम पूरे तथ्यों के साथ आया। मेट्रो प्रोजेक्ट में पेड़ कटने वाली खबर भी यहां नुमायां हो रही है। सिटी की खबरों को उम्दा कवरेज आ रहा है अखबार में।