रैंप टूटने वाले हादसे की खबर मुकम्मल लीड बनी। अखबार ने लिखा 27 साल में रैंप पर दस गुना भार पड़ रहा था। टेक्निकल जांच पर सवाल, फुटफॉल से जाने लोड का गणित वाले बक्से जानदार रही। रैंप हादसे वाली खबर सिटी पेज पे पूरी डिटेल के साथ है। साथ ही भोपाल स्टेशन पर सांडों की धमाचोकड़ी वाली फोटू भी यहीं सेट होती तो बेहतर होता।  कोकटा के ट्रांसपोर्ट नगर के स्मार्ट बनाए जाने वाली खबर भी यहां सेट हो गई। कार्यकाल समाप्त होने के पहले महापौर आलोक शर्मा से लंबी बातचीत भी यहां है।