आईएएस अफसरों की जांच मामले की कार्रवाई पूरी होने से पहले जांच का ब्यौरा बताने पर आईएएस एसोसिएशन का ऐतराज यह बताता है कि वह आम लोग नहीं हैं। अरे मियां अगर सब कुछ पाक -साफ है तो फिर सांच को क्या आंच। इस तरह का मूवमेंट यह जताता है कि दाल में कुछ काला है। अयोध्या विवाद को भी यहां पर लिया गया है पर वह साधारण अंदाज में। एक्सीडेंटल स्टार्टअप इनवेस्टर रतन टाटा की खबर जरूर कुछ तड़का लगाने का प्रयास करती है पर वह पूरी नहीं है और उसको किस लिए पेश किया गया है यह क्लियर नहीं होता है। दीपावली पर लग्जरी बसों का सफर छह गुना महंगा जरूर निशान छोड़ती है कि ऐसा क्यों हो रहा है मियां। क्या इन दिनों कुछ ज्यादा कमाई होती है लोगों को।