CM जन अधिकार से पीड़ित को मिला न्याय
भोपाल, ब्यूरो। सरकार द्वारा भू-माफियाओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के तहत राजधानी में सहाकारिता विभाग द्वारा एक बड़ा कदम उठाया गया है। गौरव गृह निर्माण सहकारी समिति भोपाल के द्वारा पात्र व्यक्ति के बजाए किसी अन्य को प्लाट देने के मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए संस्था का बोर्ड भंग करने और उस पर कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। साथ ही सहकारिता निरीक्षक अभय देशपांड को सस्पेंड कर दिया गया है और उपायुक्त सहकारिता विनोद सिंह को कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया है और शिकायतकर्ता को उसी कॉलोनी में प्लाट देने का निर्देश दिया गया है।

ऐसे हुआ गड़बड़झाला और सीएम तक शिकायत पहुंची
गौरव गृह निर्माण सहकारी के द्वार गिरीशचंद्र दुबे को भूखंड क्रमांक 80 जो कि 10/9/2007 को आवंटित किया गया था। दुबे द्वारा संस्था की मांग पर विकास शुल्क राशि भी जमा कर दी गई थी, बावजूद इसके उनका प्लाट अन्य सदस्य अंजली कुकरेजा को संस्था द्वारा विक्रय कर दिया गया। जब दुबे ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की तो यह बताया गया कि उनका प्लाट नगर निगम में बंधक रखा गया है। लेकिन जब शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी ली तो 20/11/2019 को उनका प्लाट नगर निगम से बंधक मुक्त हो चुका था। इस तथ्य के साथ शिकायतकर्ता ने संभागायुक्त से लेकर सहकारिता विभाग तक शिकायत की और यह मामला सीएम जनअधिकार तक भी पहुंचा। इसके बाद महकमे ने इसकी जांच करवाई, जिसमें पाया गया कि शिकायतकर्ता दुबे के साथ अन्याय हुआ है, इसके चलते संस्था के संचालक मंडल पर धारा 76 (2) और 56 (3) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

इसलिए हुई कार्रवाई
सहकारिता निरीक्षक अभय देशपांडे ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत का जवाब तथ्यों के विपरीत दिया था जिसके चलते उन्हें सस्पेंड किया गया, वहीं उपायुक्त सहकारिता विनोदकुमार सिंह को काम में लापरवाही बरतने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।