नई दिल्ली: पिछले शुक्रवार को भोपाल के सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपने कथित गोडसे वाले बयान पर माफी मांगते हुए वायनाड से सांसद राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लोकसभा स्पीकर को दिया था. ये नोटिस राहुल गांधी के प्रज्ञा ठाकुर को आतंकवादी कहने पर दिया गया था. अब खबर आ रही है लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस नोटिस को विशेषाधिकार समिति को आगे की कार्रवाई के लिए भेज सकते हैं.

लोकसभा में बयान देते हुए साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा था. "बीते घटनाक्रम में सबसे पहले मैं सदन में मेरे द्वारा की गई किसी भी टिप्पणी से यदि किसी को ठेस पहुंची हो तो उसके लिए खेद प्रकट करते हुए माफी मांगती हूं. परंतु मैं यह भी कहना चाहती हूं कि संसद में दिए मेरे बयान को तोड़ मरोड़ कर गलत ढंग से पेश किया गया मेरे बयान का संदर्भ कुछ और था जिसे गलत ढंग से इस रूप में प्रस्तुत किया गया. जिस प्रकार से मेरे बयान को तोड़ा मरोड़ा गया है. वह निंदनीय है साथ ही में सदन का ध्यान दिलाना चाहती हूं कि सदन के एक माननीय सदस्य द्वारा मुझे सार्वजनिक तौर पर आतंकवादी कहा गया मेरे साथ तत्कालीन सरकार द्वारा रचे का षड्यंत्र के बावजूद अदालत में मेरे खिलाफ कोई आरोप नहीं सिद्ध हुआ है. बिना आरोप सिद्ध हुए मुझे आतंकवादी कहना कानून के खिलाफ है. बिना आरोप सिद्ध हुए मुझे आतंकवादी बताना एक महिला के नाते मेरे सम्मान पर हमला करके मुझे अपमानित करने का प्रयास है. एक महिला होते हुए तत्कालीन सरकार द्वारा षड्यंत्र रच कर शारीरिक मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के खिलाफ जिस तरह मुझे आतंकवादी कहते हैं . क्या मेरे उस संघर्ष को आतंकवाद कहते हैं? मैं पूछना चाहती हूं कि एक महिला सांसद को बिना किसी प्रमाण के एक सांसद द्वारा आतंकवादी कहा जाता है तो क्या कोई सांसद महोदय पर भी सवाल उठाएगा? इस पर भी कोई कार्रवाई होगी क्या ? इस सभ्य समाज से उनके खिलाफ कोई आवाज उठेगी ?

लेकिन मामले में मोड़ आ गया था जब साध्वी प्रज्ञा ने अपने बयान में खुद को आतंकवादी पुकारने पर राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लोकसभा में स्पीकर को दे दिया. इस मसले पर बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे नोटिस को स्वीकार कर राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला चलाने की बात कही.