मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयं सेवक (RSS) पर निशाना साधा है. उन्होंने मॉब लिंचिंग के बयान पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर पलटवार किया है. दिग्विजय सिंह ने कहा है कि जिस दिन मोहन भागवत एकजुटता का संदेश देकर उसका पालन करने लगेंगे तब मॉब लिंचिंग भी खत्म हो जाएगी.

भोपाल में विजयदशमी के मौके पर एक कार्यक्रम में शामिल होने आए दिग्विजय सिंह ने कहा 'जिस दिन मोहन भागवत एकजुटता का संदेश देकर उसका पालन करने लगेंगे तब सारी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी, मॉब लिंचिंग भी खत्म हो जाएगी. इसके अलावा नफरतें और हमारी शिकायतें भी खत्म हो जाएंगी. वहीं प्रेम, सद्भाव और महात्मा गांधी का रास्ता अपना लेंगे.'

वहीं लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस उम्मीदवार रहे आचार्य प्रमोद ने ट्वीट कर मोहन भागवत के बयान पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत में मॉब लिंचिंग नहीं होती है. तो फिर पहलू खान, अखलाक, तबरेज अंसारी और इंस्पेक्टर सुबोध सिंह ने आत्महत्या की थी क्या ?

संघ प्रमुख मोहन जी “भागवत”
ने कहा है कि भारत में “माबलिंचिंग” नहीं होती, तो फिर पहलूखान, अख़लाक़,तबरेज़ अंसारी और इंस्पेक्टर सुबोध सिंह ने आत्महत्या की थी क्या............?

— Acharya Pramod (@AcharyaPramodk) October 8, 2019

क्या कहा मोहन भागवत ने?
विजयदशमी पर नागपुर में सालाना पथ संचलन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर कहा कि कानून व्यवस्था की सीमा का उल्लंघन कर हिंसा की प्रवृत्ति समाज में परस्पर संबंधों को नष्ट कर अपना प्रताप दिखाती है. यह प्रवृत्ति हमारे देश की परंपरा नहीं है, न ही हमारे संविधान में यह है. कितना भी मतभेद हो, कानून और संविधान की मर्यादा में रहें. न्याय व्यवस्था में चलना पड़ेगा.

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं से संघ का कोई लेनादेना नहीं है. मॉब लिंचिंग को लेकर कानून बनाए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को पेश कर षड्यंत्र चलाया जा रहा है. ये सबको समझना चाहिए.