तबियत कुछ नासाज सी है इन दिनों, बस दवाइयों से अपना पेट भर रहे हैं, गर वक्त न दे पाऊं खफा न होना, हम खुद को भी वक्त कम दे रहे हैं। पत्रकार अनवर खान अपनी सादगी और कमसुखन अंदाज के लिए जाने जाते हैं। गोया के अपनी तकलीफ भी किसी को बताने से गुरेज करते हैं। गुजिश्ता कुछ दिनों से पत्रकार जब फील्ड में नहीं दिखे तो कुछ पत्रकार साथियों ने इनसे राब्ता किया। पता चला के अनवर मियां सख्त अलील हैं। सीने में इनफेक्शन था वो टीबी में बदल गया है। फैफड़ों में भरे पानी को डाक्टरों ने निकाला तो कुछ आराम हुआ। बाकी दवाओं की गरमी से लीवर पे असर हुआ और पत्रकार को पीलिया हो गया। निहायत कमजोरी की हालत में पत्रकार मित्र जावेद खान मेट्रो और शाहिद कामिल ने मदद का हाथ बढ़ाया। इनके लिए सरकारी मदर को लेक र भी कोशिशें शुरु हो गई हैं। आज इन्हें किसी प्राइवेट अस्पताल में दाखिल करा दिया जाएगा। आप जल्द तंदुरुस्त हों सूरमा येई दुआ करता है।