कोरोना काल मे जहां हर सेक्टर में नौकरियों जा रही हैं तो मीडिया कैसे अछूता रह सकता है। सुनने में आया हैं कि दैनिक भास्कर में लॉकडाउन के बाद कास्ट कटिंग की कवायद तेज हो जाएगी। वैसे भास्कर में कास्ट कटिंग की प्रोसेस कोरोना कॉल से भी पहले से चल रही थी। उस दरम्यान 20 फीसदी स्टाफ कम किया जाना था। अय्यार बताते हैं कि अब ये प्रतिशत बढ़ना लाजमी है। अंदरूनी खबर ये भी है कि मैनेजमेंट इस बार अपनी कैंची ऊपर से नीचे की तरफ चलायेगा। गोया के 25-50 लाख वाले सफेद हाथी इसकी चपेट में पहले आयेंगे। बाकी कम्पनी ने 5 लाख रुपये साल तक कि सेलरी वालों की तनख्वाह 20 फीसदी कम करने का तय कर लिया है। आने वाले दिन पत्रकारों के लिए कठिन होने वाले हैं। मकसद ये के सिर्फ भास्कर ही नहीं दूसरे अखबारों में भी स्टाफ कम किया जाएगा। पत्रिका में तो सभी की सैलरी 15 हजार कर दी गई है।