भाई मियां ऐसा हे के अखबार की नौकरी को भी जरूरी सेवा में शामिल कर लिया गया है। कोरोना जैसी खौफनाक बीमारी के दौर में भी पत्रकार देश दुनिया की खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। फर्क बस इतना पड़ा है कि पत्रकार पूरे एहतियात के साथ काम कर रहे हैं। मसलन घर से निकलते वक्त मुंह पर मास्क और साथ में सनेटाइजर की स्माल शीशी साथ रखी जाती है। कंधे पर एक छोटा बेग होता है जिसमें अब घर के पानी की छोटी बॉटल के साथ नाश्ता या बिस्किट वगैरह साथ होता है। क्यूंकि मार्केट तो टोटल लॉकडाउन है। और हां दूसरा एहतियात रिपोर्टर जो बरत रहे हैं वो ये है कि अब वो स्पॉट पर जाने का खतरा कम ही उठा रहे हैं। गोया के घर से दफ्तर और दफ्तर से घर। तकरीबन सभी अखबारों में मार्निंग मीटिंग सिस्टम मुल्तवी कर दिया गया है। दैनिक भास्कर में महिला पत्रकारों और महिला कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम के लिए कह दिया गया है। बाकी इक्कीस दिन के लॉकडाउन के बाद आज शाम को जब पत्रकार अखबार के दफ्तरों में जाएंगे तब कुछ नए फैसले हो सकते हैं। यानी टोटल वर्क फ्र ॉम होम भी किया जा सकता है। ओके...टेक केयर दोस्तों।