इंदौर में खाद्य एवं औषधि विभाग, नगर निगम और क्राइम ब्रांच की टीम बुधवार को अचानक सक्रिय हुई और देर शाम तक चली कार्रवाई के दौरान बड़ी अनियमितता पाई। दरअसल, खाद्य विभाग को सूचना मिली थी कि इंदौर के देवगुराड़िया के समीप स्थित ग्राम नायता मुंडला में ऋषभ फूड प्रोडक्ट नामक कंपनी के कारखाने में गन्दगी के बीच मसाले तैयार किये जा रहे हैं। जिसके बाद खाद्य विभाग, क्राइम ब्रांच और नगर निगम की टीम ने एक साथ कारखाने पर धावा बोल दिया। जहाँ खाद्य विभाग मसालों में मिलावट की आशंका के चलते 12 सैम्पल लिए वही क्राइम ब्रांच ऋषभ फूड प्रोडक्ट कंपनी के लैपटॉप, अकाउंट बुक्स और उधारी खाते जब्त किए।

वही निगम ने कारखाने में फैली गंदगी के चलते स्पॉट फाइन किया। मुख्य खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी की माने तो मौके पर गन्दगी के बीच मसाले तैयार किये जा रहे थे वही कई मसाला पावडर में इलायची, लौंग, प्याज के छिलकों और कलौंजी के पावडर के मिलावट की आशंका है जिसके चलते मसालों के सैम्पल लिए गए है। कारखाने में हल्दी पावडर, मिर्च, धनिया, सिंघाड़ा आटा, गरम मसाला सहित अन्य उत्पाद तैयार किये जाते थे और आशंका है कि इनमें इलायची, लौंग, कलौंजी और प्याज के छिलकों का पावडर मिलाया जाता था जिसे खुले बाजार में बेचने के लिए छोटे विक्रेताओं को बेच दिया जाता था। कार्रवाई के दौरान मौके से एक बोरा लौंग की डंडी, 10 बोरे इलायची के छिलके और 3 बोरे अजवाइन पावडर मिला। इस मामले में जब संचालक जिनेश जैन से पूछा गया तो उसने कहा इन बोरो को टेंचिंग ग्राउंड में फेंकने के लिए रखा गया है लेकिन जब निगम अधिकारियों ने संचालक से पूछा कि आखरी बार उसने कब इस तरह की सामग्री टेंचिंग ग्राउंड पहुंचाई थी तो संचालक के मुंह से कुछ भी नही निकला। इसके बाद तो 18 अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम ने पहले खाद्य विभाग के सैम्पल लिए, और फिर निगम ने स्पॉट फाइन लगाया और क्राइम ब्रांच की टीम जे अहम दस्तावेज हासिल किए है। अब इस मामले में तीनो ही विभाग अपने स्तर पर आगे की कार्रवाई करेंगे।