आलू एक ऐसी सब्जी है जो सभी सब्जियों के साथ मिलाकर बनाई जा सकती है। विटामिन, फाइबर, पोटेशियम, कार्बोहाइड्रेट आदि तत्वों से भरपूर इस सब्जी का छिलका भी बेहद फायदेमंद होता है। हालांकि, डायबिटीज के लोगों को इसे खाने से परहेज रखने की सलाह दी जाती है। इसके पीछे का मुख्य कारण इसमें भरपूर मात्रा में पाए जाने वाला कार्बोहाइड्रेट है जो शुगर के मरीजों के लिए सही नहीं माना जाता है।

आलू का सेवन करने से डायबिटीज लेवल के बढ़ने  की संभावना ज्यादा होती है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 170 ग्राम आलू में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा लगभग 30 ग्राम होती है। इसके साथ ही इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) 20 यानि कि दूसरे कार्बोहाइड्रेट्स की तुलना में ज्यादा होता है। ऐसे में डायबिटीज के रोगी इसे नियंत्रित में रखने के लिए लो GI डाइट फॉलो करें जोकि 17 से 19 के बीच में होनी चाहिए।

इसके अलावा आलू को जितनी देर के लिए पकाएंगे उसका GI उतना अधिक बढ़ता है। ऐसे में इसके पकने पर कुछ देर ठंडा करने से भी GI 25 से 28 प्रतिशत तक कम हो सकता है। अगर कहीं आप आलू में नींबू या  सिरके की कुछ बूंदे मिलाकर खाने से इसे कम किया जा सकता है। डायबिटीज से परेशान लोग आलू को बेक्ड, मैश्ड या उबला कर खा सकते है। बस इन्हें ज्यादा फ्राईड,आलू के चिप्स आदि खाने से परहेज रखना चाहिए।

ये भी है हेल्दी विकल्प

डायबिटीज के मरीजों को खाने में हैल्दी और पौष्टिक चीजों का सेवन करना चाहिए। ताकि उनका ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रह सके। एक रिपोर्ट के मुताबिक  गाजर और चुकन्दर शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद होती है। इसमें GI ( ग्लाइसेमिक इंडेक्स) की मात्रा 10 ग्राम से भी कम होता है इसलिए इनका रोजाना सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही गोभी, कद्दू, शकरकंद, खीरा, बीन्स टमाटर और ब्रोकली आदि हरी सब्जियों को खाने से भी फायदा मिलता है। फलों में अमरुद, जामुक का सेवन करना बेस्ट ऑप्शन है।