कोरोना के इस संक्रमण काल के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन व अमेरिकी एजेंसी सीडीसी ने कार्यक्षेत्र व यात्रा के दौरान भोजन के समय सावधानी बरतने के विशेष निर्देश जारी किए हैं।

लंचटाइम में सहकर्मियों संग वक्त बिताने की आदत में कुछ बदलाव लाने होंगे। आप इस वक्त मास्क नहीं पहन सकते इसलिए आपसी सूझबूझ से भोजन करने का अलग-अलग वक्त तय करें ताकि शारीरिक दूरी बनी रहे। अपने भोजन व बर्तन को साथियों के साथ साझा न करें क्योंकि अगर दूसरे व्यक्ति के हाथ या बर्तन में वायरस लगा है तो आपके लिए खतरा पैदा हो जाएगा। अलग-अलग समय पर कैफेटेरिया में जाएं ताकि वहां भीड़ न लगे।

 विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्पष्ट किया है कि भोजन और पानी से संक्रमण फैलने से जुड़े अब तक कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। पर यह संभव है कि बाजार से खरीदकर लाते समय उस भोजन सामग्री की सतह पर कोरोना वायरस मौजूद हो। अगर आप पैकेटबंद भोजन खाने वाले हैं तो उस पैकेट को पहले धो लें ताकि उसकी सतह पर अगर वायरस लगा है तो हट जाए। फिर साबुन व पानी से 20 सेकंड तक हाथ धोएं और भोजन निकालें और सावधानीपूर्वक खाएं।

क्रमश: अगर आप यात्रा कर रहे हैं तो रास्ते में भोजन करने से बचें। छाछ, नींबू पानी आदि पी सकते हैं। घर में बना ऐसा भोजन लेकर चलें। खाना खाने से पहले और बाद में हाथ जरूर धोएं। भोजन के लिए कम भीड़ वाला और स्वच्छ स्थान ढूंढें। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, घर में भोजन उचित तापमान पर पकाए जाने से उस खाद्य सामग्री की सतह पर अगर किसी बाहरी कारण से कोरोना वायरस मौजूद रह गया था तो वह पूरी तरह नष्ट हो जाता है।

 टिफिन पैक होने से उसे बैग में रखकर दफ्तर ले जाने और लंच करने तक के वक्त में उसकी सतह ऐसे कई स्थानों के संपर्क में आ सकती है, जहां कोरोना वायरस मौजूद हो। बाहर भोजन करते समय ज्यादा सावधानी बरतनी होगी।ये 4 तरीके अपनाकर ही खाएं-  जहां भोजन करना है, उस सतह की सफाई और इस्तेमाल से पहले व बाद में बर्तन की सफाई सुनिश्चित करें। फल व सलाद धोकर खाएं लेकिन अंड्डा आदि न धोएं।  कच्चा और पकाकर खाने वाली भोजन सामग्री को अलग-अलग टिफिन या कंटेनर में ही लेकर घर से चलें।  घर में पका भोजन ही दफ्तर या यात्रा करने के दौरान खाने के लिए लेकर जाएं। माइक्रोवेब की सुविधा है तो भोजन उचित तापमान पर 30 से 60 सेकंड तक गर्म करें।  ऑफिस के फ्रीज तापमान चार डिग्री और रेफ्रीजरेटर का तापमान -17 डिग्री तक रख सकते हैं।