पटनाः बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मशहूर कार्यक्रम 'मन की बात' की तर्ज़ पर "दिल की बात" की. हालांकि, पीएम मोदी 'मन की बात' कार्यक्रम रेडियो पर रविवार को सुनाते हैं पर तेजस्वी किसी खास मौके पर दिल की बात लिखकर समर्थकों को भेजते हैं. इस बार बिहार में बेरोज़गारों की दशा-दिशा पर आधारित 'दिल की बात' में तेजस्वी यादव लिखते हैं कि रोजगार न मिल पाने की वजह से अवसाद में जी रहे युवाओं को आशा की किरण दिखाई नहीं दे रही है.

'बेरोज़गारी 45 साल में सबसे अधिक'
तेजस्वी यादव ने लिखा, ''हमारा बिहार, वही बिहार जो कभी शिक्षा का केंद्र बिंदु था आज बदहाल है. बिहार बेरोज़गारी का केंद्र बिंदु बन चुका है. 45 वर्षों बाद देश में बेरोज़गारी सबसे अधिक है. पूरे देश में बिहार की बेरोज़गारी दर 11.47% है. बिहार के युवा प्रतिभावान होने के बावजूद दूसरे प्रदेशों में मामूली मेहनताने पर छोटे-मोटे काम करने को विवश हैं.''

राज्य सरकार को घेरते हुए उन्होंने पूछा, ''नीतीश सरकार ने 15 वर्षों में कितनी नौकरियों का सृजन किया है? बिहार के कितने करोड़ युवा बेरोज़गार है? कितने करोड़ बेरोज़गारों ने नौकरी के लिए रोज़गार कार्यालय में पंजीकरण करवाया है? इन सबका का सरकार को जवाब देना चाहिए.''

उन्होंने कहा, ''सत्ता मे बैठे अमीर व ताकतवर लोग उन नौकरियों पर कब्जा जमा ले रहे हैं गरीब का लड़का बेकार ही रह जा रहा है. लगातार प्रश्न-पत्र लीक हो जाते है. नौकरियों की बोली लगती है. रोजगार न मिल पाने की वजह से अवसाद में जी रहे युवाओं को आशा की किरण दिखाई नहीं दे रही है. बिहार के हर युवा को रोजगार की तलाश है ताकी वो सम्मान से जी सके.''

'आपके लिए कर रहा यात्रा'
अपने संदेश में तेजस्वी यादव ने कहा, ''मैं आप सभी युवाओं, छात्रों, अभिभावकों और बिहार की समस्त जनता को आह्वान करता हूं कि आगे आईये, कदम बढ़ाईये और बिहार को बदलने की कसम खाईये. परिवर्तन ही बिहार को बचा सकता है और बना सकता है यही सोच कर बेरोज़गारी हटाओ यात्रा के माध्यम से मैं सबों के साथ मिलकर आप सब की लड़ाई लड़ने जा रहा हूं.''

आरजेडी नेता ने कहा, ''बस अपना प्यार, स्नेह आशीर्वाद बनाये रखिये और दो कदम चल कर बिहार के भविष्य को सुनहरा बनाने की सोच को अपना समर्थन दिजीए. यह लड़ाई तब तक नही रूकेगी जब तक हर पेट को रोटी हर हाथ को काम नही मिल जाता.''

जेडीयू का पलटवार
जेडीयू नेता संजय सिंह ने कहा, ''तेजस्वी यादव की 'दिल की बात' नहीं यह 'दिलजले की बात' है. जिस तरह से चुनावी साल को देखते हुए तेजस्वी यादव ने अपने तथाकथित दिल की बात की है उससे साफ होता है उन्हें बिहार की जमीनी मुद्दे से कोई वास्ता नहीं है. अपने चुनावी हथियार के रूप में जिस तरह से 'युवाओं को हथियार' बना रहे हैं उससे साफ होता है यह मौका परस्ती की बात है यह दिल की बात नहीं है.

'नौवीं फेल क्या सिखाएगा रोज़गार के गुर'
जेडीयू नेता ने कहा, ''9वीं फेल तेजस्वी यादव उन युवाओं को संबोधित कर रहे हैं, जो ग्रेजुएट हैं, पोस्ट ग्रेजुएट हैं. उन्हें यह रोजगार का गुर सिखाएंगे! जबकि यह खुद 9वीं फेल हैं. यह बताएंगे कि बिहार के युवा रोजगार कैसे करें? इनके पास बहुत आइडियाज होंगे, धन कमाने का! क्योंकि, यह खुद 15000 करोड़ के मालिक हैं.

उन्होंने कहा, ''मात्र 30 साल की उम्र में उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है. तो जाहिर सी बात है बिहार के युवाओं को यह बताएंगे कि किस तरह से घोटाला, घपला, गड़बड़ी करके पैसे कमाए जाते हैं! 30 साल की उम्र में कोई बिना धंधा किए, बिना कोई व्यवसाय किए 15000 करोड़ रुपए कमा लेता है यह उसकी उपलब्धि है! तेजस्वी यादव के पास इस उपलब्धि का पूरा श्रेय है.''

'नीतीश कुमार विकास पुरुष'
उन्होंने कहा, ''तेजस्वी यादव जी, आपके माता-पिता के शासनकाल की एक बड़ी उपलब्धि यह रही है कि उन्होंने बिहार के नौनिहालों के लिए चरवाहा विद्यालय खोला था. आपके माता-पिता नहीं चाहते थे कि बिहार के युवा पढ़ें और आगे बढ़े. इसीलिए चरवाहा विद्यालय की स्थापना की.

संजय सिंह ने कहा, ''तेजस्वी यादव जी, बिहार भ्रमण करते हैं तो जरा यहां के शिक्षण संस्थानों को देखिए नीतीश कुमार जी ने विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, लॉ कॉलेज सहित कई शिक्षण संस्थाओं की स्थापना की है. बिहार के युवा पढ़ रहे हैं तो वह आगे भी बढ़ रहे हैं. पूरे देश विदेश में बिहार के युवाओं के शिक्षा का लोहा माना जाता है.''