दिन ब दिन बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए हर साल 2 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रदूषण रोकथाम दिवस मनाया जाता है। इसका मकसद हवा से लेकर पानी प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक करना है। पानी से लेकर वायु प्रदूषण आज दुनिया की सबसे बड़ी समस्या बन रही हैं क्योंकि इसके कारण हर साल कर लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। इसके कारण खुलकर सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा है। प्रदूषित हवा में सांस लेने से जहरीले तत्व शरीर के अंदर खून में जाकर मिल जाते हैं जिससे, आंखों में जलन, ब्लड इंफेक्शन के साथ कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

प्रदूषण के कारण
फैक्टरियों व कारखानों से लीक होने वाली गैस व धुआं के अलावा पटाखे जलाना, बम ब्लास्ट, पराली जलाना और सड़कों पर दौड़ते वाहन दिन ब दिन बढ़ते प्रदूषण के लिए जिम्मेदार हैं।

सबसे पहले तो प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ध्यान में रखें ये बातें...
खुले में कूड़ा, फसल के अवशेष, पॉलीथीन व अन्य प्लास्टिक कचरा न जलाएं।
लोगों को जागरुक किया जाए।
कोयले का इस्तेमाल कम से कम करें क्योंकि इससे निकलने वाली कार्बन व फ्लाई वातावरण को दूषित करती है।
समय-समय पर वाहनों की मरम्मत करवाते रहें, ताकि कम से कम प्रदूषण हो।
अच्छी क्वॉलिटी का डीजल और पेट्रोल इस्तेमाल करें।
वाहनों को पॉलूशन भी चेक करवाएं।
फैक्टरियों में चिमनी की ऊंचाई 20 मीटर से कम न रखें।
प्रदूषण से बचने के तरीके

1. घर से बाहर जाते समय मास्क जरूर लगाएं। इससे हवा में मौजूद जहरीले तत्व सांस के जरिए फेफड़ों व शरीर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे, जिससे आप कई बीमारियों से बचे रहेंगे।

2. अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाएं। घर के अंदर इंडोर प्लांट्स जैसे- ऐलोवेरा, बांस का पौधा, पीस लीली, स्पाइडर प्लांट लगाएं। लकड़ी या कचरा न जलाएं, इससे वायु प्रदूषण फैलता है।

3. सांस लेने में परेशानी हो तो डॉक्टर से चेकअप करवा लें। साथ ही अपनी डाइट में हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, नारियल पानी, नट्स आदि जैसी हेल्दी चीजें शामिल करें। इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं।

4. प्रदूषण से आंखों को बचाने के लिए चश्मा पहनें। स्किन व हेयर प्रोटेक्शन के लिए स्कॉफ पहनें और लोशन लगाना ना भूलें।

5. घर को पॉल्यूशन फ्री रखने के लिए एयर प्यूरिफायर लगाएं। गाड़ी, घर या अन्य चीजों की साफ-सफाई के लिए इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स यूज करें।

6. कार्पेट, शेल्फ, किताबें आदि चीजों पर धूल को जमा न होने दें।

प्रदूषण के कारण दिल आंखों में जलन, गले में दर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं यह जहरीली हवा फेफड़ों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। ऐसे में हम आपको कुछ छोटे-छोटे टिप्स बताएंगे, जिससे आप प्रदूषण से बच सकते हैं।

फेफड़ों को डिटॉक्स करना है जरूरी
फेफड़ों को डिटॉक्स करने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। फेफड़ों को डिटॉक्स करने के लिए स्टीम थेरेपी भी बेस्ट ऑप्शन है। स्टीम को सांस के माध्यम से अंदर लेने पर एयर पैसेज यानी सांस की नली खुल जाती है और फेफड़ों में जमा म्यूकस भी बाहर आता है।

आंखों में जलन
प्रदूषण से आंखों को बचाने के लिए चश्मा जरूर पहनें। साथ ही समय-समय बाद आंखों पर पानी के छींटे मारते रहें। आप चाहें तो इसके लिए गुलाबजल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। बाहर से घर आने पर आंखों को अच्छी तरह धोएं। अगर कोई परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

​ग्रीन टी का सेवन करें
रोजाना 1 कप ग्रीन टी का सेवन ना सिर्फ आपको स्वस्थ रखता है बल्कि इससे आप प्रदूषण से भी बचे रहते हैं। स्टडी के मुताबिक हर दिन 2 कप ग्रीन टी पीने से लंग्स इंफैक्शन का खतरा कम होता है।

​खान-पान का रखें ध्यान
डाइट में हल्दी, चेरीज, ऑलिव, अखरोट, बीन्स, अदरक, लहसुन, नारियल पानी, हरी पत्तेदार सब्जियां लें।

​शहद भी है मददगार
एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज से भरपूर शहद प्रदूषण के कारण होने वाली अस्थमा, टीबी, गले में इंफेक्शन, फेफड़ों में इंफेक्शन, सांस संबंधी तकलीफ जैसी कई परेशानियों से बचाता है।

गले के इंफेक्शन से बचाएगा गुड़
प्रदूषण के कारण होने वाले गले के इंफेक्शन से बचने के लिए गुड़ खाएं। इसके अलावा मुलेठी खाने से भी फायदा मिलेगा।

मजबूत इम्यून सिस्टम के लिए
इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए अदरक, लहसुन, तुलसी, नीम, काली मिर्च, पिपली जैसी चीजों का सेवन करें। साथ ही रोजाना 1 कप अदरक वाली चाय पीएं।

वॉक करते समय सावधानी
मॉर्निंग या ईवनिंग वॉक के लिए जाते समय मास्क पहनें। साथ ही खाली सैर ना करें, कुछ न कुछ जरूर खा लें।

अगर आज इस बढ़ते प्रदूषण को कंट्रोल ना किया गया तो वो दिन दूर नहीं जब यह विकराल रूप ले लेगा, इसलिए जरूरी है कि प्रदूषण से बचाव के लिए जल्द से जल्द कदम उठाए जाएं।