केंद्र सरकार देश की तीन सरकारी बीमा कंपनी ओरिएंटल इंश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंश्योरेंस का विलय कर सकती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता मेें इस हफ्ते प्रस्तावित कैबिनेट की बैठक में बीमा कंपनियों के विलय के इस मसौदे पर मंजूरी मिल सकती है. एक बार हरी झंड़ी मिलने के बाद आगामी वित्तीय वर्ष में 1 अप्रैल से नई कंपनी ऑपरेशनल हो जाएगी.

केंद्रीय वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक 2018-19 बजट में सरकार ने इन तीन बड़ी सरकारी बीमा कंपनियों के विलय का प्रस्ताव रखा था. सरकार इन कंपनियों के विलय के बाद इन्हें स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट कराने पर भी विचार कर रही है.

विलय पर सरकार 12,000 करोड़ रुपए लगाएगी
एक अन्य अधिकारी के अनुसार तीनों बड़ी बीमा कंपनियों के विलय में सरकार को भारी पैसे की लागत आनी है. जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार इन कंपनियों के विलय में लगभग 12,000 करोड़ रुपए लगाएगी.

केंद्र सरकार शुरुआत में चाहती थी कि इन तीन बीमा कंपनियों में से एक अन्य दो कंपनियों को अपने में विलय कर ले. लेकिन तीनों कंपनियों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से इस प्रस्ताव पर विराम लगाना पड़ा था.

बताते चलें कि देश की दो बड़ी सरकारी बीमा कंपनी न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी और जनरल इंश्योरेंस कॉर्प स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टड हैं. इन कंपनियों के आईपीओ से सरकार को 175 बिलियन रुपए बाजार से लेने में मदद मिली.