वॉशिंगटन : कोरोना वायरस के इलाज में उपयोग होने वाली दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की सप्लाई पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को धन्यवाद कहा है. एक ट्वीट में ट्रंप ने कहा, मुश्किल हालात में दोस्तों के बीच और सहयोग की जरूरत पड़ती है. हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन पर फैसला लेने के लिए भारत और उसके लोगों को धन्यवाद. इसे हम कभी नहीं भुला सकते. इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री मोदी को शुक्रिया.

I want to thank Prime Minister Modi for allowing us to have what we requested...He was terrific, we will remember it: US President Donald Trump https://t.co/bMxrkYlnGC pic.twitter.com/bhyF6HUism

— ANI (@ANI) April 9, 2020

कोरोना संकट से जूझ रहे अमेरिका ने बीते दिनों भारत से मदद मांगी थी. इस मदद के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का धमकी भरा एक बयान सामने आया था, लेकिन अब 24 घंटे में ही उनके सुर पूरी तरह से बदले हुए दिखे. हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने बाद में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मसले पर उनकी मदद की, वह काफी शानदार हैं.

Extraordinary times require even closer cooperation between friends. Thank you India and the Indian people for the decision on HCQ. Will not be forgotten! Thank you Prime Minister @NarendraModi for your strong leadership in helping not just India, but humanity, in this fight!

— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) April 8, 2020

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के मसले पर अमेरिकी न्यूज़ चैनल फॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ हुए पूरे विवाद पर बात की. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम विदेश से कई सारी दवाइयां मंगवा रहे हैं, इसको लेकर मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बात की क्योंकि भारत से भी काफी दवाई आ रही हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने इस बातचीत में कहा कि मैंने पीएम मोदी से पूछा कि क्या वो दवाई देंगे? वो शानदार थे. भारत ने अपनी जरूरत के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई के निर्यात पर रोक लगाई थी, लेकिन वो सही है.

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने बीते दिन अपने एक बयान में कहा था कि अगर भारत हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की सप्लाई नहीं करता है, तो वह उनपर जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं. जिसके बाद भारत में इस बयान को लेकर काफी विवाद हुआ था. विपक्षी पार्टियों की तरफ से सरकार पर अमेरिका के दबाव में काम ना करने को कहा गया था.

इस मसले पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इसपर काफी लोग बहुत कुछ कह रहे हैं, लेकिन वह इसकी परवाह नहीं करते हैं. क्योंकि यहां पर लोगों की जान बचाने का मामला है.