लखनऊ : उन्नाव रेप पीड़िता को जलाकर मारने की घटना के बाद विपक्षी नेताओं ने राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव उन्नाव केस के विरोध में आज विधानसभा के बाहर धरने पर बैठ गए. अखिलेश यादव ने कहा, 'उन्नाव की बेटी की जान गई इसके लिए सरकार जिम्मेदार हैं. मामला सरकार की जानकारी में था फिर भी कुछ नहीं कर पाई. दुखद है कि हम बेटी को न्याया नहीं दिला पाए. उन्नाव की घटना की जितनी निंदा करें वह कम है. यूपी में बीजेपी सरकार के कार्यकाल में रेप की कई  घटनाएं हुई हैं. पूरी कोशिश के बावजूद पीड़ित को बचाया नहीं जा सका.' अखिलेश यादव के साथ सपा नेता राजेंद्र चौधरी भी धरने पर बैठे हैं.

Lucknow: Samajwadi Party leader and Former Chief Minister Akhilesh Yadav is sitting on a 'dharna' outside Vidhan Sabha in protest against Unnao rape case. pic.twitter.com/5N9U12ETqr

— ANI UP (@ANINewsUP) December 7, 2019

वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा उन्नाव रेप पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए लखनऊ से उन्नाव के लिए रवाना हो चुकी है. कांग्रेस महासचिव लखनऊ से उन्नाव के रवाना हो गई हैं. इससे पहले प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा, 'मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि उन्नाव पीड़िता के परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत दे. 'यह हम सबकी नाकामयाबी है कि हम उसे न्याय नहीं दे पाए. सामाजिक तौर पर हम सब दोषी हैं लेकिन ये उत्तर प्रदेश में खोखली हो चुकी कानून व्यवस्था को भी दिखाता है.

Congress General Secretary Priyanka Gandhi Vadra leaves from Lucknow for Unnao. pic.twitter.com/yj310UmOGe

— ANI UP (@ANINewsUP) December 7, 2019

प्रियंका ने सवाल किया की पीड़िता को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई है. एक ट्वीट में उन्होंने कहा, 'उन्नाव की पिछली घटना को ध्यान में रखते हुए सरकार को तत्काल पीड़िता को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई? जिस अधिकारी ने उसका FIR दर्ज करने से मना किया उस पर क्या कार्रवाई हुई? उप्र में रोज रोज महिलाओं पर जो अत्याचार हो रहा है, उसको रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है ?'

बता दें कि उन्नाव रेप केस पीड़िता ने शुक्रवार देर रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया. इसके बाद पीड़िता के शव का पोस्टमॉर्टम सफदरजंग अस्पताल में सुबह 10 बजे से हो रहा है. सफदरजंग अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि पोस्टमॉर्टम डॉ. एमके वाही, फॉरेंसिक यूनिट विभाग के प्रमुख के नेतृत्व में हो रहा है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस और दिल्ली पुलिस कागजी कार्यवाही पूरी कर रही है, लेकिन वे फॉरेंसिक प्रक्रिया में शामिल नहीं है.

उन्नाव पुलिस के अधिकारी भी सफदरजंग हॉस्पिटल पहुंचे हैं. उन्नाव से भी एम्बुलेंस सफदरजंग हॉस्पिटल पहुंची. वहीं, गाज़ियाबाद से भी एम्बुलेंस सफदरजंग हॉस्पिटल लाई गई है. जानकारी के अनुसार, पार्थिव शरीर को सड़क के रास्ते उन्नाव ले जाया जाएगा.पोस्टमॉर्टम थोड़ी देर में खत्‍म होने वाला है. एस्कॉर्ट वाहनों के साथ दो वाहन और तैनात किए गए हैं. पीडि़ता का अंतिम संस्कार कल किया जाएगा.

Dr Sunil Gupta, Medical Superintendent,Safdarjung Hospital to ANI: Uttar Pradesh Police and Delhi Police are completing their paper work,they will not be part of the forensic procedure https://t.co/h3LsYYqdnI

— ANI (@ANI) December 7, 2019

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़िता की मृत्यु पर दुख प्रकट किया है. योगी आदित्यनाथ के ऑफिस के ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया, 'उन्नाव की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं बालिका की मृत्यु अति दुःखद है. उन्होंने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और मुकदमे को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाकर दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी.'

CM श्री @myogiadityanath जी ने कहा कि उन्नाव की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं बालिका की मृत्यु अति दुःखद है।
उन्होंने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और मुकदमे को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाकर दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

— Yogi Adityanath Office (@myogioffice) December 7, 2019

शुक्रवार रात 11.40 पर पीड़िता का सफदरजंग अस्पताल में निधन हो गया. इसकी जानकारी पीड़िता की बहन ने दी. अस्पताल के बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. शलभ कुमार ने पीड़िता के निधन की पुष्टि करते हुए कहा कि रात करीब 11.10 पर पीड़िता के हृदय ने काम करना बंद कर दिया. डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और रात 11.40 पर उसका निधन हो गया.

हालांकि 90 प्रतिशत से भी ज्यादा जल चुकी उप्र की इस पीड़िता ने आखिरी वक्त तक भी हार नहीं मानी थी. गुरुवार रात 9 बजे तक वह होश में थी. जब तक होश में थी कहती रही- मुझे जलाने वालों को छोड़ना मत. फिर नींद में चली गई, डक्टरों ने पूरी कोशिश की, वेंटिलेटर पर रखा लेकिन वो नींद से नहीं उठी.