बिजनेस : भगोड़े शराब कारोबारी और किंगफिशर के मालिक विजय माल्‍या की एक बार फिर मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब माल्‍या की फ्रांसीसी द्वीप पर 17 लग्ज़री बेडरूम की हवेली निलाम हो सकती है। कतर नेशनल बैंक ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि माल्या की फ्रांसीसी द्वीप इले सैंट मारगुएराइट पर 1.3-हेक्टेयर की प्रॉपर्टी लंबे समय से खाली पड़ी है और वो इसे नीलाम करने की इजाजत चाहते हैं।

खबरों की मानें तो माल्या ने अपनी कंपनी गिज्मो इन्वेस्ट एसए के जरिए 2008 में 'ल गॉ जादां' नाम की यह हवेली खरीदी थी। इसके लिए उन्होंने कतर नैशनल बैंक की एक यूनिट अंसबाचर ऐंड कंपनी से मिली लोन फसिलिटी में से 3 करोड़ डॉलर (करीब 140 करोड़ रुपये) खर्च किए थे। बैंक ने लंदन हाई कोर्ट को बताया कि माल्या की कंपनी गिज्मो यह लोन चुकाने में असफल रही है। इसलिए वह मांग करते हैं कि माल्या को अपना 50 मीटर का सुपरयाट बेचने को कहें। बैंक का कहना है कि 26 करोड़ रुपये के लोन सिक्यॉरिटी के रूप में इसी बोट को गिरवी पर रखा गया था।

बता दें कि इस हवेली में 17 लग्ज़री बेडरूम हैं और इसके साथ सिनेमाहॉल, हेलीपैड और नाइटक्लब भी हैं। बता दें कि नए साल की शुरुआत में ही मुंबई स्पेशल कोर्ट धन शोधन निरोधक अधिनियम (PMLA) ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सहित कई बैंकों को आर्थिक अपराधी विजय माल्या की संपत्ति को निलाम करके कर्ज वसूलने की अनुमति दी थी। पिछले महीने, स्टेट बैंक के नेतृत्व में भारतीय बैंकों ने लंदन की एक अदालत से विजय माल्या की संपत्ति जब्त कराने और उसे दिवालिया घोषित करने की मांग की थी।

गौरतलब है कि विजय माल्या देश के प्रसिद्ध शराब कारोबारी और बंद हो चुकी एयरलाइंस किंगफिशर का मालिक है। उसने एयरलाइंस चलाने के लिए बैंकों से हजारों करोड़ों का कर्ज लिया था, लेकिन घाटा लगने के कारण वह उसे नहीं चुका सका। वह फिलहाल लंदन में है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की अगुवाई में भारतीय बैंकों के संघ ने उन पर 9,000 करोड़ के कर्ज का दावा ठोका है। वर्ष 2018 में ब्रिटेन की अदालत ने उनके प्रत्यर्पण की अनुमति दे दी थी।