सूरतः सूरत के सेशंस कोर्ट ने आसाराम के बेटे नारायण साईं को रेप केस में दोषी करार दिया है। कोर्ट ने सजा पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी और कोर्ट नारायण साई की सजा का ऐलान करेगा। बता दें कि सूरत की रहने वाली दो बहनों ने नारायण साई के खिलाफ रेप का आरोप लगाया था जिसके बाद पुलिस ने पीड़ितों के बयान और लोकेशन से मिले सबूतों के आधार पर केस दर्ज किया था। सूरत की दो बहनों ने 2013 में पुलिस में दर्ज अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि आसाराम बापू और नारायण सांई ने उनके साथ बलात्कार किया। इनमें से एक पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब वह आश्रम में रह रही थी तो 2002 से 2005 के बीच नारायण सांई ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।

नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट अब तक 53 गवाहों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिसमें कई अहम गवाह भी हैं जिन्होंने नारायण साईं को लड़कियों को अपने हवस का शिकार बनाते हुए देखा था या फिर इस कृत्य में आरोपियों की मदद की थी। उल्लेखनीय है कि आसाराम जोधपुर में बलात्कार के एक दूसरे मामले में दोषी पाया जा चुका है और वह आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा है।

रेप केस में नारायण साई काफी दिनों तक पुलिस को चकमा देकर अंडरग्राउंड हो गया था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। तत्कालीन सूरत पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने नारायण साईं को गिरफ्तार करने के लिए 58 अलग-अलग टीमें बनाई थी और आखिरकार उसे दिसंबर, 2013 में हरियाणा-दिल्ली सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया था, उस समय भी उसने अपना भेष बदला हुआ था।