मऊ: उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के रेलवे स्टेशन परिसर में आज उस समय हड़कम्प मच गया जब यात्रियों का टिकट चेक कर रहे टीटीई पर यात्रियों को शक हो गया. बता दें कि बापू धाम एक्‍सप्रेस में आज फर्जी टीटीई को यात्रियों ने पकड़कर जीआरपी को सौंप दिया. शक होने पर यात्रियों ने टीटीई से उसकी आईडी की मांग की तो वह यात्रियों पर रौब झाड़ने लगा तो यात्रियों ने पकड़कर उसकी जमकर पिटाई करते हुए जीआरपी को सौंप दिया. यात्रियों द्वारा फर्जी टीटीई को पकड़ने के बाद उससे पूछताछ में पता चला कि वह सुल्तानपुर जनपद में एसबीआई का कर्मचारी है. वह फर्जी टीटीई बनकर अवैध वसूली का काम कर रहा है.

बता दें कि मंडुवाडीह से मुजफ्फरपुर तक चलने वाली बापू धाम एक्सप्रेस में आज वाराणसी रेलवे स्टेशन से जैसे ही ट्रेन आगे बढ़ी तो उसमें पहले से बैठा हुआ अनूप कुमार नाम का शख्स काली कोट पहने हुए था और वह यात्रियों का टिकट चेक करने लगा. टिकट चेक करने के दौरान किसी यात्री के पास टिकट नहीं होने पर वह उनसे पैसे लेने लगा. उसकी रसीद किसी को नहीं दे रहा था.

इसी तरह से एक यात्री अजय कुमार जो मऊ जनपद का रहने वाला है और अपने निजी काम से वाराणसी गया हुआ था जब वह वापस आ रहा था उसके पास जनरल टिकट था. लेकिन टीटीई ने चेक करने के दौरान 300 रुपये जुर्माने के रूप में लिया लेकिन जब वह कोई रशीद नहीं तो उसको शक हो गया लेकिन तब तक वह टीटीई एक और यात्री का टिकट चेक किया उससे भी जुर्माना लगा. यात्री ने बताया कि वह स्‍टॉप है लेकिन फर्जी टिकट कार्रवाई की बात करने लगा तो यात्रियों ने उसकी आईडी की मांग तो वह कुछ नहीं दिखा पाया तो यात्रियों ने उसकी पिटाई करते जीआरपी मऊ को सौंप दिया.

मऊ जिले की जीआरपी की गिरफ्त में आए फर्जी टीटीई अनूप कुमार सुल्तानपुर जिले में एसबीआई बैंक का कर्मचारी है. जो फर्जी टीटीई बनकर ट्रेनों में यात्रियों से टिकट चेक करने के नाम वसूली का काम करता था. जो आज यात्रियों की जागरूकता के वजह से जीआरपी की गिरफ्त में आया है.

यात्री अजय कुमार ने कहा कि उसको उस समय शक हो गया जब वह टिकट के नाम पर पैसे लगा और उसकी कोई रसीद नहीं दे रहा था. तो फिर हम लोगों ने उसकी आईडी की मांग किया तो दिखा नहीं पाया तो हम लोगों ने पकड़ जीआरपी को सौप दिया. एसओ जीआरपी ओमप्रकाश ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है. जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी. वही जीआरपी पुलिस की गिरफ्त में आए फर्जी टीटीई ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया.