बालाकोट स्ट्राइक के बाद अब पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ने वाली है. भारत कुछ महीनों के अंदर पश्चिमी सीमा पर अपनी मारक क्षमता बढ़ाने जा रहा है. इसके लिए भारतीय सेना पाकिस्तान बॉर्डर पर तीन नए इंटिग्रेटेड बैटल ग्रुप (IBG) तैनात करने जा रहा है. यह ग्रुप युद्ध के हालात में बहुत जल्द प्रहार करने में सक्षम होगा.

भारतीय सेना ने अपने इंटिग्रेटेड बैटल ग्रुप का ट्रायल युद्धाभ्यास के दौरान सफलतापूर्वक पूरा किया है. वायु शक्ति, पैदल सेना समेत युद्ध के लिए सभी जरूरी शक्तियों से आईबीजी लैस होगा. साथ ही इस आईबीजी में फौज की विभिन्न इकाईयां भी शामिल होंगी.

टॉप आर्मी सूत्रों की मानें तो 'भारतीय सेना ने इंटिग्रेटेड बैटल ग्रुप का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. यह आईबीजी पूरी मारक क्षमता के साथ काम करने में सक्षम होगा. इसी साल अक्टूबर तक इसे सीमा पर तैनात कर देंगे.' सूत्रों के मुताबिक पूरी चर्चा के बाद इसका प्रस्ताव सेना मुख्यालय से पास हो गया है. अब फाइनल अप्रूवल के लिए प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय के पास गया हुआ है. पाकिस्तान सीमा पर सफलतापूर्वक तैनाती होने के बाद आईबीजी को चीन सीमा पर भी तैनात किया जाएगा.

युद्ध की स्थिति में दुश्मनों की सीमा में सेना की टुकड़ियों को तेजी से भेजने और तीव्र कार्रवाई के मकसद से इंटिग्रेटेड बैटल ग्रुप को बनाया गया है. यह इतनी तेजी से कार्रवाई करेगा कि दुश्मनों को संभलने का मौका तक नहीं मिलेगा. आईबीजी छोटा होगा और युद्ध के लिए आवश्यक सभी हथियार और सैनिकों से लैस होगा. इसके साथ वायु शक्ति, पैदल सेना, बख्तरबंद गाड़ियां सभी चीजें होंगी. आईबीजी के पास 8 से 10 ब्रिगेड होगा. हर ब्रिगेड में 3 से 4 बटालियन होगी और हर बटालियन में 800 सैनिक होंगे.

गौरतलब है कि 15 जनवरी को सेना दिवस से पूर्व संवाददाता सम्मेलन में थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि आईबीजी का परीक्षण मई में युद्धाभ्यास के दौरान होगा. फिर इसे शुरू किया जाएगा. इसका मकसद सेना की मारक क्षमता में इजाफा करना है.