इंग्लैंड के बर्मिंघम स्टेडियम में बांग्लादेश के खिलाफ मैच में भारत का उत्साहवर्धन करने वाली 87 साल की चारुलता पटेल का वीडियो वायरल हो गया था. मैच जीतने के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली दादी से मिले थे और इस वाकये का भी वीडियो-फोटो वायरल हो गया. पूरे वर्ल्ड में मशहूर हो चुकी दादी को अब पेप्सिको ने अपने ऐडवर्टिजमेंट कैम्पेन में शामिल किया है.

भारत-बांग्लादेश के मैच में 87 वर्षीय दादी को उत्साह से वुवुजेला (एक प्रकार की पिपिहिरी) बजाते देखा गया था. अब पेप्सिको ने इस बुजुर्ग महिला के साथ ऐड के लिए टाइअप किया है. पेप्सी के 'स्वैग कैम्पेन' में चारुलता को नया 'स्वैग स्टार' बनाया गया है.

कुछ दिनों पहले अमूल ने भी एक डूडल बनाकर क्रिकेट की इस सुपर फैन को सम्मान दिया था, जिसमें उन्हें 'ग्रैंड मां इंडिया' कहा गया था. बर्मिंघम में मैच के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कैप्टन विराट कोहली और रोहित शर्मा मैच के बाद चारुलता पटेल से मिले थे और कोहली ने वादा किया था कि वे अगले मैचों के लिए उनके लिए टिकट का इंतजाम करेंगे.

विराट ने इस मुलाकात की फोटो अपने ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा था, 'मैं प्यार और समर्थन के लिए अपने सभी प्रशंसकों को धन्यवाद देना चाहता हूं, खासकर चारुलता पटेल जी को. वह 87 साल की हैं और संभवत: अब तक मैंने ऐसा जुनून और समर्पण वाला प्रशंसक नहीं देखा है. उम्र बस एक संख्या होती है, जुनून ही आपको ऊंचाइयों तक ले जाता है. उनके आशीर्वाद से हम अगले चरण में जा रहे हैं.

Also would like to thank all our fans for all the love & support & especially Charulata Patel ji. She's 87 and probably one of the most passionate & dedicated fans I've ever seen. Age is just a number, passion takes you leaps & bounds. With her blessings, on to the next one. 🙏🏼😇 pic.twitter.com/XHII8zw1F2

— Virat Kohli (@imVkohli) July 2, 2019

क्रिकेट की जबरदस्त फैन चारुलता कई दशकों से क्रिकेट देख रही हैं. उन्होंने एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा था कि भारत ने जब कपिल देव के नेतृत्व में पहला विश्वकप जीता था, तब भी वह मैदान में थीं. उन्होंने कहा, 'भारत निश्चित रूप से विश्व कप जीतेगा. मैं भगवान गणेश से प्रार्थना करती हूं कि भारत जीते. मेरा आशीर्वाद हमेशा टीम के साथ है. जब कपिल पाजी 1983 में वर्ल्डकप जीते थे, तब भी मैं वहां थी.'

पेप्सिको के प्रवक्ता ने कहा था, 'खेल के प्रति उनकी दीवानगी दुनिया को दिखाती है कि जीवन के अद्भुत लम्हों को जीने में उम्र कोई बाधा नहीं होती.'