नई दिल्ली: अमेरिका के रेगुलेटर्स ने डेटा लीक के मामले में फेसबुक पर पांच बिलियन डॉलर यानी की करीब 34 हजार करोड़ रुपये जुर्माना लगाया है. पिछले साल फेसबुक पर करीब 9 करोड़ यूजर्स का डेटा लीक होने के आरोप लगे थे. फेसबुक पर जुर्माने की सिफारिश कैम्ब्रिज एनालिटिका के हाथों डेटा लीक की जांच कर रहे

फेडरल ट्रेड कमीशन ने की है.
मार्च 2017 में फेडरल ट्रेड कमीशन करोड़ों यूजर्स का डेटा लीक होने के बाद फेडरल ट्रेड कमीशन ने कैम्ब्रिज एनालिटिका के मामले की जांच शुरू की थी. इस जांच में सामने आया है कि फेसबुक ने 2011 के यूजर्स के डेटा की गोपियनता बनाए रखने वाले एग्रीमेंट को तोड़ा है. हालांकि फेसबुक पर लगे जुर्माने तो अभी जस्टिस डिपॉर्टमेंट के सिविल डिवीजन की मंजूरी मिलना बाकी है.

फेसबुक को पहले से था जुर्माना लगने का अनुमान
फेसबुक को पहले से ही यह जुर्माना लगने का अनुमान था, क्योंकि फेसबुक ने पहले ही अपने इंवस्टर्स को अलग रखी गई रकम की जानकारी दे दी थी. कंपनी का मानना है कि इस जुर्माने से उसकी वित्तिय स्थिति पर कोई ज्यादा असर नहीं पड़ने जा रहा है. हालांकि कंपनी को अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि जुर्माने के अलावा उसे और किस प्रकार की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.

कैम्ब्रिज एनालिटिका डेटा लीक
कैम्ब्रिज एनालिटिका ब्रिटेन की पॉलिटिकल पीआर कंपनी है. इस कंपनी पर आरोप है कि अमेरिकी चुनाव के दौरान ट्रंप को फायदा पहुंचाने के लिए इसने फेसबुक यूजर्स का डेटा लेकर उसका गलत इस्तेमाल किया. पिछले साल जब यह आरोप सामने आए थे तो फेसबुक ने माना था कि उसने कैम्ब्रिज एनालिटिका के साथ डेटा शेयर किया है.