नई दिल्‍ली : कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट में भारत के हाथों मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्‍तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. पाकिस्‍तानी मीडिया इस फैसले को अपनी जीत बता रहा है. इस कड़ी में ही पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट कर अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा है कि आईसीजे के इस निर्णय की सराहना करते हैं कि उसने कुलभूषण जाधव को छोड़ने और रिहा करने के लिए नहीं कहा है. कुलभूषण पाकिस्‍तान के लोगों के खिलाफ किए गए अपराध के दोषी हैं. पाकिस्‍तान इस मसले में कानून के मुताबिक कार्यवाही करेगा.

उल्‍लेखनीय है कि कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट (ICJ) में भारत को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. 15-1 बहुमत के आधार पर जजों ने भारतीय पक्ष की सभी दलीलों को मानते हुए पाकिस्‍तान से कहा कि वह इस केस पर पुनर्विचार करे. कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगाई जाए. उनको काउंसलर सुविधा उपलब्‍ध कराई जाए. सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार के उच्‍च पदस्‍थ सूत्रों ने इस फैसले को पूरी तरह से भारत की जीत बताया है.

Appreciate ICJ’s decision not to acquit, release & return Commander Kulbhushan Jadhav to India. He is guilty of crimes against the people of Pakistan. Pakistan shall proceed further as per law.

— Imran Khan (@ImranKhanPTI) July 18, 2019

वहीं दूसरी तरफ इससे पाकिस्‍तान की अंतरराष्‍ट्रीय जगत में किरकिरी हुई है और ये केस उसके लिए शर्मिंदगी का सबब बना. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर किस आधार पर ये कहा जा सकता है कि इस केस में भारत की पूरी तरह से जीत हुई?

कुलभूषण केस में भारत शुरू से कहता आ रहा है कि पाकिस्‍तान के जासूसी के झूठे केस में उनको फंसाया. उनको पाकिस्‍तान से पकड़ा ही नहीं गया बल्कि ईरान से उनका अपहरण किया गया था.

इस केस के बारे में भारत सरकार के सूत्रों का कहना है कि कुलभूषण जाधव का ईरान के चाबहार से पाकिस्‍तान के एक आतंकी संगठन ने अपहरण किया था और बाद में उनको पाकिस्‍तान में ले जाकर खुफिया एजेंसी आईएसआई के हवाले कर दिया गया. सूत्रों के मुताबिक ये भी बताया कि आईएसआई ने जैश-अल अदल संगठन का इस्‍तेमाल कुलभूषण को पकड़ने के लिए किया. भारतीय एजेंसियों के पास इस बात के पर्याप्‍त सबूत हैं कि किस तरह पाक एजेंसियों ने जाधव को जासूसी के झूठे केस में फंसाया.

पाकिस्‍तान और ईरान का सीमावर्ती इलाका अस्थिर क्षेत्र माना जाता है. पाकिस्‍तान जैश अल अदल संगठन का इस्‍तेमाल ईरान के खिलाफ भी करता है. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इस सीमावर्ती इलाकों में होने वाली आतंकी गतिविधियों में पाकिस्‍तान का समर्थन माना जाता है. हाल में अमेरिका ने जैश अल अदल संगठन को ईरान के आतंकी संगठन जुनदुल्‍लाह से संबद्ध घोषित किया है. जुनदुल्‍लाह को अमेरिका ने वैश्विक आतंकी संगठन के रूप में खासतौर पर चिन्हित किया है.