नई दिल्ली: रक्षा मंत्रालय ने दो टूक में पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा कि जब तक पड़ोसी देश आतंकी समूहों के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई नहीं करता, तब तक भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एयर स्ट्राइक जैसे कड़े कदम उठाता रहेगा। रक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलवामा अटैक से साबित होता है कि भारत लगातार पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के निशाने पर है। रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना जम्मू और कश्मीर में सीमा पार फायरिंग की आड़ में लगातार आतंकियों को भारत में घुसपैठ को प्रोत्साहित कर रही है। भारतीय सुरक्षा बल इसका माकूल जवाब दे रहे हैं।

रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘जैश-ए-मोहम्मद द्वारा पुलवामा अटैक से इसकी पुष्टि होती है कि भारत पाकिस्तान प्रायोजित सीमापार आतंकवाद नीति का लगातार टार्गेट बना हुआ है। भारत के जवाब में बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े ट्रेनिंग कैंप पर ऐहतियाती नॉन-मिलिट्री आतंकविरोधी एरियल स्ट्राइक जैसे कदम शामिल रहे।

साल 2017 में डोकलाम में पैदा हुए गतिरोध के बाद भारत और चीन ने भले ही वहां अपने सैनिकों की तैनाती कम कर दी है, लेकिन भारतीय सेना इस क्षेत्र में चीनी गतिविधियों की निगरानी कर रही है और किसी भी आकस्मिक स्थिति का जवाब देने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार है। यह बात रक्षा मंत्रालय की एक रिपोर्ट में कही गई है।

मंत्रालय ने 2018-19 के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट में यह भी कहा कि पाकिस्तान को अपने नियंत्रण वाले भूभाग से गतिविधियां चलाने वाले आतंकवादियों और आतंकी समूहों का समर्थन रोकने के लिए ‘भरोसेमंद और अपरिवर्तनीय’ कदम उठाने चाहिएं। मंत्रालय ने कहा कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘मजबूत और निर्णायक’ कदम उठाना जारी रखेगा। वहीं रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि राफेल विमान भारतीय वायु सेना को रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता तथा लंबी दूरी तक लक्ष्यों पर निशाना साधने की क्षमता प्रदान करेगा। इस लिहाज से फ्रांस की वायु सेना के साथ अधिकारियों और तकनीशियनों के पहले बैच का प्रशिक्षण चल रहा है।