नई दिल्ली : यस बैंक के डूबते शेयरों ने एक शख्स को सबसे बड़ा झटका दिया है. बैड लोन के चक्कर में फंसे यस बैंक ने इस शख्स का करीब 7000 करोड़ रुपये का बड़ा नुकसान करवा दिया है. दरअसल पिछले एक साल में यस बैंक के शेयरों में 78 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है. इस गिरावट का झटका सबसे ज्यादा यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को लगा है. शेयर लुढ़कने से राणा कपूर को एक अरब डॉलर (7,000 करोड़) का नुकसान झेलना पड़ा है.

यानी पिछले एक साल में यस बैंक के फाउंडर और पूर्व सीईओ राणा कपूर को 7,000 करोड़ का बड़ा नुकसान हुआ है. बुधवार यस बैंक के वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए गए. नतीजों में पता चला कि यस बैंक का बफर कैपिटल भी कमजोर हुआ है, जबकि डूबे कर्ज का अनुपात भी अब बढ़कर 20 फीसदी हो गया है.

ब्लूमबर्ग बिलियेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक गुरुवार को यस बैंक में गिरावट के बाद राणा कपूर की नेट वर्थ गिरकर 36.3 करोड डॉलर यानी लगभग 2500 करोड़ रुपये पर आ गई, जो 20 अगस्त 2018 को 140 करोड़ डॉलर थी. बता दें, गुरुवार को भी यस बैंक के शेयरों में करीब 20 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. ये गिरावट पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा है. दरअसल बैड लोन की वजह से इस प्राइवेट बैंक के शेयरों में लगातार गिरावट देखी जा रही है.

यस बैंक का शुद्ध लाभ पहली तिमाही में 91 फीसदी घटकर 113.8 करोड़ रुपये रह गया है, जो कि पिछले साल इसी वक्त 1,260 करोड़ रुपये रहा था. बैंक के नए एनपीए सामने आए हैं. फंसे कर्ज को देखते हुए प्रोविजनिंग भी 3 गुना बढ़ गई है. ग्रॉस एनपीए 5.01 फीसदी जो रुपये में 12092 करोड़ रुपये रहा है. नेट एनपीए 2.91 फीसदी, जो 6883 करोड़ रुपये है. फिलहाल बैंक की बिगड़ती आर्थिक सेहत को बैंक के नए सीईओ रवनीत गिल सुधारने की कोशिश में जुटे हैं. असल में NBFCs सेक्टर में संकट की वजह से यस बैंक को सबसे बड़ा झटका लगा है, क्योंकि बैंक ने इस सेक्टर को काफी लोन प्रोवाइड कराया है.

गौरतलब है कि राणा कपूर ने साल 2004 में YES BANK की शुरुआत की थी, उन्होंने इस बैंक को देश का चौथा सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक बनाने में योगदान दिया था, उनकी इस बैंक में 10 फीसदी से अधिक की हिस्सेदारी है. यस बैंक में राणा कपूर की दो होल्डिंग कंपनियां YES Capital (India) Pvt. और Morgan Credits Private शामिल हैं.