नई दिल्ली: क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले दुनिया के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर गुरुवार को लंदन में आयोजित एक समारोह में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के हॉल ऑफ फेम में शामिल हुए. दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज एलन डोनाल्ड और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर कैथरीन फिट्जपैट्रिक को भी इसमें शामिल किया गया है.

46 वर्षीय सचिन इस सम्मान को पाने वाले छठे भारतीय क्रिकेटर हैं. इससे पहले सुनील गावस्कर, बिशन बेदी, कपिल देव, अनिल कुंबले और राहुल द्रविड़ इस प्रतिष्ठित सूची में जगह पा चुके हैं.

सचिन ने कहा, ''इस अवसर पर, मैं उन सभी का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा जो एक लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में मेरी साथ रहे. तेंदुलकर ने कहा कि मेरे माता-पिता, भाई अजीत और पत्नी अंजलि ताकत के स्तंभ रहे हैं, जबकि मैं भाग्यशाली था कि कोच रमाकांत आचरेकर जैसे शुरुआती मार्गदर्शक और संरक्षक थे.''

Sachin Tendulkar meets...Sachin Tendulkar prior to the ICC Hall of Fame induction ceremony!#ICCHallOfFame pic.twitter.com/hl0OtEvxKU

— ICC (@ICC) July 19, 2019

उन्होंने कहा, 'मैं अपने सभी कप्तानों, साथी खिलाड़ियों और बीसीसीआई और एमसीए प्रशासकों का भी शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे इतने लंबे समय तक खेलने का मौका दिया. मैं अपने क्रिकेट करियर की इस सराहना के लिए आईसीसी का शुक्रिया अदा करता हूं और मुझे इस बात की खुशी है कि क्रिकेट तीन लोकप्रिय प्रारूपों के साथ आगे बढ़ रहा है.

A 🤳 with the three ICC Hall of Fame inductees 😄 #ICCHallOfFame pic.twitter.com/cXnL1Ln6W2

— ICC (@ICC) July 18, 2019

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन ने टेस्ट में 15,921 बनाए, जिसमें उनके 51 शतक शामिल हैं. वहीं उन्होंने वनडे में 18,426 रन बनाए, जिसमें 49 शतक जुड़े हैं. तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक बनाने वाले एकमात्र व्यक्ति और एकदिवसीय क्रिकेट में दोहरा शतक बनाने वाले पहले व्यक्ति हैं.

आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनु साहनी ने कहा कि सचिन, एलन और कैथरीन के खेल पर हमें गर्व हैं. तीनों बेहतरीन खिलाड़ी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के पात्र हैं. इस सम्मान को पाने वाले एलन डोनाल्ड को  330 टेस्ट और 272 एकदिवसीय विकेट प्राप्त करने वाले सबसे तेज गेंदबाजों में से एक माना जाता है. उनकी गति के परिणामस्वरूप डोनाल्ड का नाम 'व्हाइट लाइटनिंग' रखा गया.

कैथरीन फिट्जपैट्रिक पुरस्कार जीतने वाली आठवीं महिला हैं और उन्हें 16 साल से महिला क्रिकेट में सबसे तेज गेंदबाज माना जाता है. कैथरीन ने 13 टेस्ट में 60 विकेट और 109 मैचों में 180 विकेट चटकाए हैं. आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप जीतने के लिए उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.