बदतमीजी, बदमिजाजी नहीं करते ये इंसान हैं क्या, बोलो शरीफों की शराफत के कहीं निशान हैं क्या। एमपी नगर के गुमठी वालों की हिमायत में आगे आए पूर्व विधायक सुरेंदनाथ सिंह मम्मा का अंदाजे गुफ्तार ज्यादा ही उबाल मार गया।  उन्ने कहा अगर निगम ने कब्जे हटाए तो सड़कों पे खून बहेगा और ये खून कमलनाथ का होगा। जुबान की हद अपनी जगा बाकी मम्मा का ये कहना कि पहले गरीबों का पुनर्वास करो फिर हटाओ वाले तर्क में दम तो है साब। भास्कर के लिए तो खां क्या गुमटी और क्या झुग्गी वाले इनकी बात ही नहीं रखी जाती। ठीक है साब टीजी का मामला है। गीला और सूखा कचरा घर से ही अलग नहीं दिया तो स्पॉट फाइन होगा। अरे खां कुछ नर्इं होएगा। ये भोपाल है,यहां इस तरा के हुकूम की कोई वखत नहीं होती।