नई दिल्ली: पॉपुलर सोशल मीडिया ऐप टिक टॉक की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं. सरकार ने टिक टॉक के साथ हेलो ऐप को नोटिस भेजा है. सरकार को लगता है कि ये दोनों ऐप्स देश के खिलाफ होने वाली गतिविधियों में शामिल हैं और इसलिए 21 सवाल भेजकर दोनों प्लेटफॉर्म से जवाब मांगा गया है. जवाब ना मिलने की स्थिति में सरकार टिक टॉक और हेलो ऐप को बैन कर सकती है. इसके अलावा स्मार्ट टीवी की हैकिंग का मुद्दा भी राज्यसभा में गूंजा है.

स्वदेशी जागरण मंच ने आरोप लगाए हैं कि टिक टॉक और हेलो अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल एंटी नेशनल एक्टिविटीज के लिए कर रहे हैं. टिक टॉक ऐप पर पहले भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं और कुछ वक्त के लिए उसे बैन भी कर दिया गया था.

टिक टॉक और हेलो ने बयान जारी कर कहा है कि वह सरकार की पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है. बयान में कहा गया, ''हम सरकार को पूरा सहयोग करेंगे और हम अपनी जिम्मेदारी समझते हैं. इंडिया में हमारे प्लेटफॉर्म को आगे बढ़ने का मौका मिला है और हम भारत में अगले 3 साल में एक बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की योजना बना रहे हैं.'' मंत्रालय ने इन ऐप्स के जरिए बच्चों की प्राइवेसी के साथ होने वाले समझौते पर भी चिंता जाहिर की है.

राज्यसभा में गूंजा स्मार्ट टीवी का मामला
राज्यसभा में बीजेपी के सांसद अमर शंकर ने स्मार्ट टीवी की हैकिंग का मामला उठाया है. सांसद ने मांग है कि सरकार को ऐसी घटनाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए. अमर सिंह ने सूरत में स्मार्ट टीवी की हैकिंग के जरिए वीडियो बनाने वाले मामले का हवाला देते हुए यह मुद्दा उठाया. बता दें कि हैकर्स ने स्मार्ट टीवी को हैक करके एक कपल के निजी पलों को इंटरनेट पर शेयर कर दिया था. अमर शंकर ने इसे लोगों की प्राइवेसी के साथ समझौता बताया है. राज्यसभा चैयरमैन नायडू ने भी इस मुद्दे को संवेदनशील करार दिया है.