नई दिल्ली: सोनभद्र हत्याकांड को लेकर धरने पर बैठी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने 26 घंटे के बाद धरना समाप्त कर दिया है. साथ ही कांग्रेस पार्टी ने घोषणा की है कि हरेक मृतक परिवार को 10 लाख का अनुदान दिया जाएगा. इस बीच प्रियंका गांधी ने पीड़ित परिवार वालों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस भी किया.

पीड़ित परिवार वालों ने बताया अपना दर्द
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीड़ित परिवार वालों ने सोनभद्र की दर्दनाक घटना के बारे में बताया. उन्होंने कहा, ''17 तारीख को 11 बजे लोग बंदूक-डंडों के साथ पहुंच कर विवादित जमीन जोतने लगे. हम लोगों ने विरोध किया तो मारना शुरू कर दिया.

हम चाहते हैं कि ट्रस्ट की जमीन आदिवासियों के बीच बांट दिया जाए.''

पीड़ितों ने आगे कहा,'' हमें पता चला कि प्रियंका गांधी को प्रशासन ने गिरफ्तार कर लिया है तो हमने यहां आने का फैसला किया. हम दुख दर्द बताने के लिए आए हैं.BHU ट्रामा सेंटर में इलाज के लिए पैसे मांगे गए. हम लोगों पर गुंडा ऐक्ट भी लगाया गया है. प्रशासन से हम नहीं मिले.. वो समझौता करवाना चाह रहे थे..लेकिन हमने कहा कि ये मामला अदालत में है.'' उन्होंने ने आगे कहा, ''प्रशासन की सहमति और मिलीभगत से पूरी घटना हुई है.घटना के सुबह पुलिस ने फोन कर थाने बुलाया. आशंका जताने पर कहा कि कुछ नहीं होगा.''

क्या कहा प्रियंका गांधी ने
प्रियंका गांधी ने कहा कि जिस तरह पूरी योजना से गोली चली है वो भयावह है.घटनास्थल पर 300 लोग पहुंचे हुए थे. जो गोली से नहीं मरा उसे डंडे से मारा गया. महिलाओं को ईंट से मारा गया. मदद के लिए प्रशासन वक्त पर नहीं आया. महिलाओं पर फर्जी मुकदमे दायर किए गए हैं. पीड़ित परिवारों को 25 लाख का अनुदान मिले, जमीन पर इनका मालिकाना हक मिले, मामला फ़ास्ट ट्रैक किया जाए, गलत केस खत्म किए जाए. इन सब की सुरक्षा जरूरी है.

प्रियंका गांधी ने आगे कहा,'' मैं शासन से कहना चाहती हूं कि मामले की जांच हो और अन्याय को खत्म करने के लिए कदम उठाएं. मेरा मकसद पूरा हो गया है. अभी तक मैं हिरासत में हूं. जैसा प्रशासन कहेगा करूंगी. देश इनके साथ खड़ा हो. कांग्रेस पार्टी की तरफ से भी अनुदान की राशि दी जाएगी, भविष्य में पीड़ितों के गांव भी जाऊंगी. हम कानूनी सहायता प्रदान करवाएंगे.''

प्रियंका गांधी ने आगे कहा, ''पूरी जिम्मेदारी योगी आदित्यनाथ और बीजेपी की है. शासन जनता की सेवा के लिए होता है उन्हें प्रताड़ित नहीं करना चाहिए. कांग्रेस पार्टी हर पीड़ित परिवार को दस लाख रुपए देगी.''

क्या है पूरा घटनाक्रम
1- सोनभद्र में हुए नरसंहार के मृतकों के परिजनों से मिलने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी दिल्ली से रवाना हुई. प्रियंका गांधी ने वाराणसी के ट्रामा सेंटर में सोनभद्र की घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात की. इस दौरान सोनभद्र हत्याकांड के घायलों के परिनजनों ने प्रियंका गांधी से आपबीती सुनाई.

2- वाराणसी के ट्रामा सेंटर से निकलकर प्रियंका का काफिला सोनभद्र की तरफ निकला लेकिन उसे रास्ते में ही रोक लिया गया. प्रशासन ने उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी क्योंकि सोनभद्र में धारा 144 लगा हुआ था. मिर्जापुर बॉर्डर पर उनके काफिले को रोक दिया गया.

3- मिर्जापुर में जब प्रियंका का काफिला रोका गया तो वह वहीं धरने पर बैठ गईं. इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और चुनार गेस्ट हाउस पुलिस उन्हें ले गई.

4- चुनार गेस्ट हाउस पहुंचने के बाद भी प्रियंका गांधी अपने इरादे से हिली नहीं और वहां भी धरना दिया. इस दौरान उनके साथ हिरासत में लिए गए कांग्रेस के अन्य लोग भी मौजूद थे.

5- प्रियंका गांधी मिर्जापुर के चुनार गेस्ट हाउस में ही रात में रुकी. देर रात तक अफसरों का मिर्जापुर गेस्ट हाउस आनाजाना लगा रहा उन्हें मनाते रहे लेकिन प्रियंका गांधी ने भी साफ कर दिया कि वह नरसंहार पीड़ितों से मिले वगैर वापस नहीं लौटेंगी. प्रियंका गांधी ने अपनी गिरफ्तारी और सोनभद्र जाने से रोके जाने पर ट्वीट किया, 'मैंने न कोई कानून तोड़ा है न कोई अपराध किया है. बल्कि सुबह से मैंने स्पष्ट किया था कि प्रशासन चाहे तो मैं अकेली उनके साथ पीड़ित परिवारों से मिलने आदिवासियों के गांव जाने को तैयार हूं, या प्रशासन जिस तरीके से भी मुझे उनसे मिलाना चाहता है मैं तैयार हूं. लेकिन उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा मुझे पिछले 9 घंटे से गिरफ्तार करके चुनार किले में रखा हुआ है.''

6-इसी बीच कांग्रेस के नेता ने शिकायत की कि जिस गेस्ट हाउस में प्रियंका को रखा गया था वहां जानबूझकर रात में बिजली काट दी गई. हालांकि बिजली न होने से भी प्रियंका गाधी के इरादों में कोई अंतर नहीं आया. वहीं प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रशासन कह रहा है कि मुझे 50,000 की जमानत देनी है अन्यथा मुझे 14 दिन के लिए जेल की सज़ा दी जाएगी, मगर वे मुझे सोनभद्र नहीं जाने देंगे ऐसा उन्हें ऊपर से ऑर्डर है.'

7- आज सुबह प्रियंका ने मीडिया से बात की और कहा कि अगर सोनभद्र में धारा 144 लागू है तो प्रशासन पीड़ितों से कहीं और मिलवा दें. प्रियंका गांधी ने कहा कि वो पीड़ित परिवारों से मिर्जापुर या वाराणसी में भी मिल सकती हैं. लेकिन उन्होंने कहा कि वो बिना मिले नहीं जाएंगी.

8- इसी बीच प्रियंका जिस गेस्ट हाउस में ठहरी हुई थी, वहां पीड़ित परिवार के लोग पहुंचे. वह प्रियंका से मिलना चाहते थे लेकिन प्रियंका और पीड़ित परिवार को लोगो को प्रशासन ने रोका. हालांकि बाद में उन्हें कुछ परिवार वालों से मिलने दिया गया.

9- हालांकि बाद में कुछ पीड़ित परिवार के सदस्यों को मिलने दिया गया. पीड़ित परिवार के लोग प्रियंका से मिलकर बहुत रोए. प्रियंका ने सबको सांत्वना दी और योगी सरकार पर हमला बोला. प्रियंका ने कहा, ''यूपी में संवेदनाओं की मौत का खौफ पसरा हुआ है. अजय सिंह बिष्ट सरकार इस क्रंदन को नजरंदाज कर संवेदनहीनता की नई मिसाल पैदा कर रही है. इस विलाप से निकले हर एक आंसू का हिसाब लिए बिना हम पीछे नहीं हटेंगे.'' फिलहाल 24 घंटे से ज्यादा हो गया है और प्रियंका वहीं डटी हुई हैं.

10- 26 घंटे के संघर्ष के बाद आखिरकार प्रियंका गांधी पीड़ित परिवारवालों से मिलीं और अपना धरना खत्म किया. वहीं अब मिर्जापुर के डीएम ने कहा कि प्रियंका ना हिरासत में हैं, ना गिरफ्तार हैं. अब वो जा सकती हैं.