भारत के दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी ने अपने संन्यास और वेस्टइंडीज दौरे पर न जाने की तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है. 38 वर्षीय धोनी ने बीसीसीआई को सूचित किया है कि वह फिलहाल दो महीने किसी भी तरह की क्रिकेट के लिए अनुपलब्ध रहेंगे. धोनी अगले 2 महीनों के लिए पैरा सैन्य रेजिमेंट में शामिल हो रहे हैं.

इससे यह साफ होता है कि धोनी टीम इंडिया के साथ वेस्टइंडीज दौरे पर नहीं जाएंगे. बता दें कि टीम इंडिया तीन अगस्त से वेस्टइंडीज दौरा शुरू करेगी. भारत को इस दौरान तीन टी-20 इंटरनेशनल, तीन वनडे और दो टेस्ट मैच खेलने हैं. वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम इंडिया का चयन कल यानी रविवार को किया जाएगा.

धोनी ने BCCI को दी जानकारी
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, ‘धोनी ने यह कहा है कि वे वेस्टइंडीज दौरे पर नहीं जा पाएंगे. वे अगले दो महीने के लिए पैरामिलिट्री रेजिमेंट में समय बिताएंगे. उन्होंने रविवार को होने वाली चयनसमिति की बैठक से पहले यह फैसला लिया. उन्होंने कप्तान विराट कोहली और एमएसके प्रसाद को भी सूचित कर दिया.’

अधिकारी ने कहा कि धोनी के इस बयान से उम्मीद जताई जा सकती है कि वे अभी संन्यास के बारे में नहीं सोच रहे. रविवार को एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली चयन समिति मुंबई में बैठक करेगी, जिसमें वेस्टइंडीज दौरे के लिए भारतीय टीम का चयन होगा.

हालांकि धोनी ने संन्यास का ऐलान नहीं किया है, लेकिन वह 2 महीने कोई क्रिकेट नहीं खेलेंगे. इससे पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि धोनी वर्ल्ड कप के बाद क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे. इससे पहले धोनी के संन्यास की खबरों पर उनके मैनेजर और दोस्त अरुण पांडे ने बयान दिया था. अरुण पांडे ने कहा था कि धोनी का अभी संन्यास का कोई इरादा नहीं है.

अरुण पांडे ने कहा कि अभी माही के क्रिकेट छोड़ने का कोई प्लान नहीं है. बता दें कि वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के वर्ल्ड कप का सफर सेमीफाइनल में थमते ही धोनी के संन्यास पर अटकलें लगनी शुरू हो गईं. अरुण पांडे से पहले धोनी के बचपन के कोच केशव बनर्जी ने कहा था कि वह टी-20 वर्ल्ड कप तक खेलना जारी रख सकते हैं.

धोनी के बचपन के कोच ने कहा था कि मेरा मानना है कि माही को टी-20 फॉर्मेट में खेलना चाहिए. 50 ओवर की विकेटकीपिंग और फिर बल्लेबाजी के साथ वनडे खेलना शरीर के लिए बहुत कठिन होता है. फिर गेंदबाजों और फील्डरों की मदद करने के अतिरिक्त दबाव की वजह से वह हमेशा मैदान पर एक्शन में रहते हैं. जबकि टी-20 में उन्हें इतनी जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी.

धोनी के रिटायरमेंट पर अब तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. लेकिन केशव बनर्जी का मानना है कि इस बारे में जल्द ही फैसला लिया जाना चाहिए.

बता दें कि विश्व कप-2019 में धोनी अपने प्रदर्शन को लेकर लगातार आलोचकों के निशाने पर रहे. आठ मैचों में उन्होंने 273 रन बनाए, जो किसी भी भारतीय मध्यक्रम के बल्लेबाजों द्वारा सबसे अधिक है. हार्दिक पंड्या (226) और ऋषभ पंत (116) इस सूची में उनसे पीछे हैं.

आखिर पैरा सैन्य रेजिमेंट से क्यों जुड़ेंगे धोनी?
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट में उनकी उपलब्धियों के कारण 2011 में प्रादेशिक सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की रैंक दी गई थी. धोनी यह सम्मान पाने वाले कपिल देव के बाद दूसरे भारतीय क्रिकेटर हैं. धोनी को मानद कमीशन दिया गया क्योंकि वह एक यूथ आइकन हैं और वह युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित कर सकते हैं. नवंबर 2011 में धोनी को प्रादेशिक सेना (TA) में लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद रैंक से सम्मानित किया गया था. तब उन्होंने कहा था कि वह सेना में अधिकारी बनना चाहते थे, लेकिन किस्मत ने उन्हें क्रिकेटर बना दिया.

धोनी 2015 में प्रशिक्षित पैराट्रूपर बन गए थे
महेंद्र सिंह धोनी अगस्त 2015 में प्रशिक्षित पैराट्रूपर बन गए थे. आगरा के पैराट्रूपर्स ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) में भारतीय वायु सेना के एएन-32 विमान से पांचवीं छलांग पूरी करने के बाद उन्होंने प्रतिष्ठित पैरा विंग्स प्रतीक चिह्न (Para Wings insignia) लगाने की अर्हता प्राप्त कर ली थी. उल्लेखनीय है कि तब धोनी 1,250 फीट की ऊंचाई से कूद गए थे और एक मिनट से भी कम समय में मालपुरा ड्रॉपिंग जोन के पास सफलतापूर्वक उतरे थे.

कप्तान के तौर पर धोनी की उपलब्धियां
1- क्रिकेट वर्ल्ड कप (2011)

1- टी-20 वर्ल्ड कप (2007)

1- चैम्पियंस ट्रॉफी (2013)

3- आईपीएल खिताब (2010, 2011, 2018)

2- चैम्पियंस लीग टी-20 खिताब (2010, 2014)

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रदर्शन

10,773 वनडे इंटरनेशनल रन + विकेट के पीछे 444 शिकार

4,876 टेस्ट रन + विकेट के पीछे 294 शिकार

1,617 टी-20 इंटरनेशनल रन + विकेट के पीछे 91 शिकार